
-राजेश बैरागी-
यीडा (यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) भविष्य में नागरिक सुविधाओं यथा सड़कों,पार्कों,उद्यानों,जल,सीवर आदि के रखरखाव पर होने वाले व्यय के लिए एक कोष निधि (कॉर्प्स फंड) की स्थापना करेगा। यह कोष निधि प्राधिकरण को विभिन्न मदों में प्राप्त होने वाली धनराशि (संपत्तियों के विक्रय से प्राप्त धनराशि को छोड़कर) से स्थापित की जाएगी।
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की आज सोमवार को हुई नब्बेवीं बोर्ड बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण अध्यक्ष व अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने की जबकि मुख्य कार्यपालक अधिकारी व सदस्य सचिव राकेश कुमार सिंह ने डेढ़ दर्जन से अधिक बिंदुओं पर आधारित एजेंडा बोर्ड के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया। बोर्ड ने प्राधिकरण द्वारा विकसित क्षेत्र में जल,सीवर, पार्क, सड़क आदि नागरिक सुविधाओं के अनुरक्षण पर वर्तमान में व्यय होने वाली धनराशि की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया गया। बोर्ड सदस्यों ने भविष्य में इस व्यय में निरंतर वृद्धि होने पर धन की निरंतर उपलब्धता के लिए एक स्थाई कोष निधि बनाने का निर्णय लिया गया। यह कोष निधि प्राधिकरण को लीज रेंट, संपत्तियों के अंतरण शुल्क, अतिरिक्त एफ ए आर की स्वीकृति, नक्शा पास करने आदि मदों से प्राप्त होने वाली धनराशि से स्थापित की जाएगी। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक में खाता खोला जाएगा। बोर्ड को प्राधिकरण द्वारा भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध भुगतान किए गए मुआवजे, किसानों के लिए नियोजित किए गए सात प्रतिशत आबादी भूखंडों, औद्योगिक भूखंडों की वर्तमान स्थिति के साथ प्राधिकरण द्वारा इस वित्तीय वर्ष में हुई आय के ब्योरे से भी अवगत कराया गया। उल्लेखनीय है कि प्राधिकरण ने सरकार द्वारा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 0.5 में दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से 30885 करोड़ रुपए का निवेश तथा 45 हजार लोगों के रोजगार की व्यवस्था का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है जो एक बड़ी उपलब्धि है। बैठक में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार सिंह,यीडा के अपर मुख्य कार्यपालक मनीष मीणा, शैलेन्द्र भाटिया, राजेश कुमार सिंह व ओएसडी शैलेन्द्र सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।(नेक दृष्टि)(
Leave a Reply