
-राजेश बैरागी-
जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आज विधिवत शुरू हो गया। एक उड़ान लखनऊ से आई और बेंगलुरु गई। एक उड़ान यहां से लखनऊ गई।इस हवाई अड्डे में नोएडा क्या है? यह जेवर में बना है और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण(यीडा) के अधिसूचित क्षेत्र में है।यीडा ने ही इसके लिए भूमि उपलब्ध कराई है।यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ही नियाल(नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी भी हैं। हवाई अड्डे की निर्माता कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल की भारतीय कंपनी यापल में भी यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एक वीटो पॉवर वाले अधिकारी हैं। नोएडा से कम से कम 70 किलोमीटर दूर स्थित इस एयरपोर्ट को नोएडा नाम देने का एक बड़ा कारण तो नोएडा की अंतरराष्ट्रीय ख्याति ही है। और दूसरा कारण? नोएडा प्राधिकरण ने इस हवाई अड्डे हेतु उपलब्ध कराई गई कुल भूमि में से 37.5% भूमि का खर्च वहन किया है। इतना ही खर्च उत्तर प्रदेश सरकार ने वहन किया है जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यीडा की संयुक्त हिस्सेदारी मात्र 25% है।इतनी बड़ी हिस्सेदारी के बावजूद इस महत्वपूर्ण एयरपोर्ट की शुरुआत के ऐतिहासिक अवसर पर नोएडा प्राधिकरण की उपस्थिति नदारद थी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से भी कोई नहीं था। क्या इन प्राधिकरणों को इस अवसर का साक्षी बनने या अपनी हिस्सेदारी से तैयार एयरपोर्ट के शुरू होने का कोई उत्साह नहीं था? इस प्रश्न का उत्तर अभी प्रतीक्षा में है। परंतु इस हवाई अड्डे से लखनऊ के लिए पहली उड़ान भी ऐतिहासिक रही। इसमें यीडा के अधिकारियों के अलावा क्षेत्रीय विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में लगभग एक सौ सत्तर उन किसानों ने भी लखनऊ आने जाने की यात्रा की जिन्होंने कथित तौर पर इस हवाई अड्डे के लिए अपनी भूमि दी है। कथित तौर पर इसलिए कि इन किसानों में आधा दर्जन के लगभग वो मुस्लिम लोग भी थे जो ठाकुर धीरेंद्र सिंह की प्रत्येक सभा व कार्यक्रमों में स्थाई तौर पर पाए जाते हैं। ठाकुर धीरेंद्र सिंह ने भाजपा में होने के बावजूद अपने विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओं पर निर्विवाद पकड़ बनाई हुई है,चाहे इसके लिए कुछ विवाद भी उन्हें झेलने पड़े हों।इन किसानों, क्षेत्रीय विधायक व यीडा के अधिकारियों को लखनऊ का यह आवागमन किसने प्रायोजित किया होगा? क्या इस यात्रा का किराया यमुना प्राधिकरण ने उठाया होगा या उत्तर प्रदेश सरकार ने भुगतान किया होगा या यापल ने उठाया होगा या इंडिगो ने इस एयरपोर्ट से पहली उड़ान को फ्री कर दिया होगा? इस प्रश्न का उत्तर भी प्रतीक्षा में है। एक अच्छी बात यह हुई कि पहली उड़ान से लखनऊ पहुंचे किसानों में शामिल एक महिला हीरा राशिद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसलिए धन्यवाद दिया कि इस एयरपोर्ट के बन जाने से जो तरक्की इस क्षेत्र को मिली है उसके कारण वह अपने सपनों को साकार करने की ओर बढ़ रही हैं।उस महिला ने मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री बनने की दुआ भी दी।(नेक दृष्टि)
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