पलवल वर्सेज गौतमबुद्धनगर: यमुना के आर-पार बसे दोनों जिलों में हैं लंबे फासले


-राजेश बैरागी-
मैं कल निजी कार्य से हरियाणा के पलवल जिला मुख्यालय गया। यह एक बेहद सुंदर, बहुमंजिला,किलेनुमा और जिले के सम्पूर्ण कार्यालयों को समेटे एक बहुत उपयोगी इमारत है। इसके परिसर में सैकड़ों कारों और दो पहिया वाहनों को खड़ा करने की जगह है। इसमें बेसमेंट के अतिरिक्त चार तल हैं जिनमें से दूसरे तल पर जिले के सर्वोच्च अधिकारी का कार्यालय है। हरियाणा में जिले के सर्वोच्च अधिकारी को डीसी यानी उपायुक्त कहा जाता है और जिला मुख्यालय को जिला सचिवालय या मिनी सचिवालय कहा जाता है। पलवल हरियाणा का 21 वां जिला है।इसकी स्थापना 15 अगस्त 2008 को हुई थी।1359 वर्ग किलोमीटर में फैले पलवल जिले की जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग साढ़े दस लाख है। यहां 72 प्रतिशत लोग साक्षर हैं। ब्रज क्षेत्र में आने के कारण यहां के अधिकांश लोग ब्रजभाषी और आमतौर पर सरल हैं। लगभग शून्य औद्योगिक गतिविधियों वाले इस जिले में सरकारी कर्मचारियों का व्यवहार कैसा है? मैं जिस पटल पर भी गया, वहां नियुक्त कर्मचारी ने मुझे पहले नमस्ते की और फिर काम पूछा, हालांकि मैं उनके लिए अजनबी था।गौतमबुद्धनगर जिले की लगभग बीस किलोमीटर लंबी सीमा पलवल से साझा होती है। गौतमबुद्धनगर 1442 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ औद्योगिक जिला है। इसका सृजन 6 मई 1997 को हुआ था।2011 की जनगणना के अनुसार इसकी जनसंख्या साढ़े सोलह लाख थी। यहां साक्षरता का स्तर 98 प्रतिशत से अधिक है। गौतमबुद्धनगर जिला मुख्यालय यानी कलेक्ट्रेट का भवन आंशिक रूप से दो मंजिला है। इसके परिसर में प्रत्येक वर्ष बारिश के मौसम में पानी भर जाता है। वाहनों को अंदर न आने देने के लिए पुलिस की पहरेदारी लगाई जाती है और इस कारण कलेक्ट्रेट के बाहर वाहनों की अवैध पार्किंग से दिनभर लोग आपस में उलझते रहते हैं।यहां पलवल जिले के मुकाबले ज्यादा सरकारी कामकाज है। यहां और पलवल जिले में सरकारी कर्मचारियों की संख्या का समान रूप से टोटा है परंतु यहां के सरकारी कर्मचारियों का व्यवहार कैसा है?आप उन्हें कष्ट देकर तो देखें। उत्तर प्रदेश में जिला मुख्यालय को कलेक्ट्रेट कहा जाता है और जिले के सर्वोच्च अधिकारी को जिलाधिकारी। कलेक्ट्रेट अंग्रेज शासकों द्वारा 1781 में बनाई गई एक सशक्त प्रशासनिक व्यवस्था थी जो आज भी राज्य सरकार का स्थानीय प्रतिनिधित्व करती है। मैं यह दावा नहीं करता कि हरियाणा का पलवल जिला सचिवालय पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त है और वहां सभी राज्य कर्मचारी पूरी तरह कर्तव्यनिष्ठ हैं तथा वहां की जनता के सभी काम राज्य कर्मियों द्वारा आगे बढ़कर प्राथमिकता पर ही किए जाते हैं परन्तु इतना दावा अवश्य किया जा सकता है कि वहां धन की इतनी दुर्गंध नहीं फैली है कि सरकारी सेवक बेहोश हो जाएं।(नेक दृष्टि)

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