ईंट के टुकड़ों से न्याय की आशा


-राजेश बैरागी-
क्या प्रशासनिक अधिकारियों को ईंट पत्थर मारने की धमकी देकर न्याय प्राप्त किया जा सकता है?कौशांबी जनपद (उत्तर प्रदेश) की चायल तहसील के एक गांव की 75 वर्षीया वृद्ध महिला रामसंवरी को यह भ्रम रहा होगा और वह कल शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अपने थैले में ईंट पत्थर के टुकड़े लेकर पहुंच गई। उसने संपूर्ण समाधान के लिए दिवस सजाकर बैठे अधिकारियों को धमकी दी कि यदि आज न्याय नहीं मिला तो वह उनपर ईंट से हमला कर देगी। कुछ दिन पहले एक युवा आईएएस अधिकारी ने बातचीत में जनसुनवाई, तहसील दिवस, थाना दिवस या संपूर्ण समाधान दिवस पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि यह सब हमारी विफलताओं के दिवस हैं।जो काम हमें रोजमर्रा में करने चाहिएं, उनके लिए दिन विशेष का आयोजन क्यों किया जाना चाहिए। आमतौर पर सरकारी कार्यालयों में दोपहर से पहले का अधिकारियों का समय जनसुनवाई में व्यय होता है। सरकार का भी यही निर्देश है कि अधिकारी दिन के पहले हिस्से में जनता से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनें। यह व्यवस्था सुनने और देखने में बहुत अच्छी लगती है। क्या वाकई यह व्यवस्था अच्छी है? बकौल उस युवा आईएएस अधिकारी यह व्यवस्था प्रशासन की विफलताओं के गर्भ से पैदा की गई है। मुझे दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उपचार कराने का अनुभव है। वहां रोग या उपचार समझ में नहीं आने पर चिकित्सक अपने से वरिष्ठ चिकित्सक को केस रेफर कर देता है। प्रशासनिक व्यवस्था में भी यह तरीका लागू किया जा सकता है। इससे आम नागरिकों को जनसुनवाई या विशेष दिवसीय सुनवाई मेले में उपस्थित नहीं होना होगा। बहरहाल रामसंवरी देवी की न्याय न मिलने पर ईंट मारने की धमकी पर प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर महिला पुलिसकर्मी ने उसे पकड़ लिया और बाहर ले जाकर उसके हाथ से थैले में भरे ईंट पत्थर छीन लिए।रामसंवरी देवी के दिवंगत पति मिठाई लाल को एक बिस्वा भूमि पट्टे पर मिली थी जिसे गांव के ही लोगों ने कब्जा लिया है।रामसंवरी उसी भूमि के टुकड़े को वापस पाने के लिए तहसील के चक्कर लगाती है परंतु कोई उसकी नहीं सुनता।वह अपनी बात सुनाने के लिए ईंट के टुकड़े लेकर आई थी, प्रशासन ने वह भी छीन लिए।(नेक दृष्टि)(ऐसे ही अन्य समाचारों आलेख के लिए हमारी वेबसाइट www.nekdristi.com देखें)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *