
-राजेश बैरागी-
सशक्त पुलिस व्यवस्था के लिए क्या आवश्यक है? क्या अपराध होने के बाद अतिशीघ्र अपराधियों की गिरफ्तारी या अपराध होने से रोकने के लिए चौकी थाना स्तर पर सूचनाओं का संकलन? दरअसल बीट पुलिसिंग को सशक्त पुलिस व्यवस्था का आधार माना जाता है। इसके लिए दावे बहुत किए जाते हैं परन्तु धरातल पर कुछ काम होता दिखाई नहीं देता। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल नोएडा हिस्से में आजकल बीट पुलिसिंग को सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत छः थाने आते हैं। इनमें सूरजपुर, ईकोटेक थ्री,बिसरख और बादलपुर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में तथा फेज दो व फेज तीन नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के थाने हैं।इन सभी थाना क्षेत्रों में घनी आबादी, पचासों हाईराइज सोसाइटियों तथा दर्जन भर औद्योगिक सेक्टरों की सुरक्षा व्यवस्था किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में सटीक सूचनाओं का अभाव पुलिस के कामकाज को और भी चुनौतीपूर्ण बना सकता है।बीट पुलिसिंग से इन चुनौतियों पर एक सीमा तक नियंत्रण पाया जा सकता है। सेंट्रल नोएडा कमिश्नरेट पुलिस के हाल ही में नियुक्त हुए अपर उपायुक्त स्वतंत्र सिंह फिलहाल बीट पुलिसिंग को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीट कांस्टेबल और चौकी प्रभारी से उनके क्षेत्र की सामान्य जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। निर्धारित बिंदुओं पर जानकारी जुटाने के अलावा बीट कांस्टेबलों को सप्ताह में दो दिन अपने क्षेत्र में लोगों से संपर्क करने का आदेश भी दिया गया है। क्षेत्र में अकेले रहने वाले वृद्ध दंपत्तियों का ब्यौरा रखने और उनसे नियमित संपर्क करने से उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि बीट कांस्टेबलों द्वारा संकलित की जाने वाली सूचनाओं के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है।(नेक दृष्टि)
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