हिंसक आंदोलन की छाया में श्रमिक दिवस:शांति व्यवस्था के लिए अभूतपूर्व पुलिस तैनाती तो सैकड़ों स्थानों पर श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा


-राजेश बैरागी-
कल 1 मई को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर नोएडा ग्रेटर नोएडा समेत जनपद गौतमबुद्धनगर के श्रमिक बहुल तथा औद्योगिक क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।गत 13 अप्रैल को नोएडा में हुए हिंसक श्रमिक आंदोलन के बाद पहले श्रमिक दिवस पर कमिश्नरेट पुलिस ने न केवल भारतीय सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 आगामी 8 मई तक लागू की है बल्कि इस अवसर पर होने वाले किसी भी आयोजन की अनुमति भी नहीं दी गई है। उधर जिला प्रशासन व यूपीसीडा ने श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच तथा चिकित्सा के लिए निजी व सरकारी अस्पतालों में 200 से अधिक शिविर आयोजित किए हैं। हालांकि इस दौरान शराब की दुकानें खुली रहेंगी।
कमिश्नरेट पुलिस के प्रेस नोट में बताया गया है कि गौतमबुद्धनगर को कुल 11 जोन एवं 49 सेक्टर में विभाजित किया गया है। इनमें नोएडा जोन को 04 जोन व 16 सेक्टर, सेंट्रल नोएडा जोन को 03 जोन व 24 सेक्टर तथा ग्रेटर नोएडा जोन को 04 जोन व 09 सेक्टरों में बांटा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु अन्य जनपदों से 06 एसपी रैंक के अधिकारी, 14 अपर पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी, 30 क्षेत्राधिकारी (Dy.SP) रैंक के अधिकारी, 65 निरीक्षक, 400 उपनिरीक्षक, 150 महिला उपनिरीक्षक, 900 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 200 महिला मुख्य आरक्षी/आरक्षी तथा 10 कंपनी PAC को ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके अतिरिक्त कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर से 02 डीसीपी रैंक के अधिकारी, 03 एडिशनल डीसीपी रैंक के अधिकारी, 04 एसीपी रैंक के अधिकारी एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण भी ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं। उल्लेखनीय है, कि पुलिस व्यवस्थापन में महिला पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी बड़ी संख्या में लगाया गया है।
उक्त पुलिस बल को महत्वपूर्ण औद्योगिक इकाइयों, बहु राष्ट्रीय कंपनियों, लघु औद्योगिक क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर व्यवस्थित रूप से तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त कई पुलिस मोबाइल पार्टी भी नियुक्त की गई हैं, जो निरंतर क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर शांति व्यवस्था पर सतर्क निगरानी बनाए रखेंगी।
औद्योगिक इकाइयों, प्रमुख चौराहों एवं लगभग 50 से अधिक महत्वपूर्ण स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से सघन निगरानी की जा रही है तथा इसके अतिरिक्त मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
विदित है कि कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के धरना-प्रदर्शन के दृष्टिगत शांति व्यवस्था स्थापित किए जाने के उद्देश्य से दिनांक 30.04.2026 से 08.05.2026 तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 लागू की गई है।
उधर जिला प्रशासन ने 67 निजी अस्पतालों सहित 201 स्थानों पर श्रमिकों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच व चिकित्सा की व्यापक व्यवस्था की है। इसके लिए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने भी जिला प्रशासन के तमाम अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट आदि नियुक्त किया है।यूपीसीडा ने भी अपने औद्योगिक क्षेत्रों सूरजपुर साइट बी और साइट 5 फ्लैटेड फैक्ट्री में तथा सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र स्थित सियास भवन में स्वास्थ्य जांच तथा चिकित्सा शिविर आयोजित किए हैं।
उल्लेखनीय है कि गत 13 अप्रैल को नोएडा में हुए श्रमिक आंदोलन के हिंसक हो जाने के मनाए जाने वाले पहले श्रमिक दिवस को लेकर शासन प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर है। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।(नेक दृष्टि)

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