उद्योग शुरू न करने पर यूपीसीडा की कार्रवाई:डेवू मोटर्स के बाद पियाजियो इंडिया लिमिटेड की 1 लाख 33 हजार वर्गमीटर भूमि वापस ली


-राजेश बैरागी-
इकतालीस बरस पहले औद्योगिक इकाइ स्थापित करने के लिए सूरजपुर में आवंटित की गई लगभग एक लाख तैंतीस हजार वर्गमीटर भूमि को तमाम दांव-पेंच के बाद इकाइ क्रियाशील न करने के कारण यूपीसीडा ने वापस अपने कब्जे में ले लिया। दो वर्ष के भीतर डेवू मोटर्स के बाद यूपीसीडा द्वारा इतनी बड़ी औद्योगिक भूमि को वापस हासिल करने की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जन्म लेने से बरसों पहले और नोएडा के बसना शुरू होने से भी पहले सूरजपुर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों की शुरुआत करने वाला यूपीसीडा(पुराना नाम यूपीएसआईडीसी)उन औद्योगिक इकाइयों की भूमि वापस लेने का अभियान चला रहा है जिनमें लाखों वर्गमीटर भूमि फंसी हुई है परंतु कामकाज कुछ भी नहीं हो रहा है।ऐसी ही एक औद्योगिक इकाइ को आवंटित 1,33,638.15 वर्गमीटर भूमि पर वापस कब्जा हासिल किया गया है। यह भूमि 16 मई,1985 को स्टैलियन शॉक्स लिमिटेड के पक्ष में आवंटित की गई थी। अमेरिकी कंपनी मोनरो के संयुक्त उपक्रम वाली इस कंपनी में मोपेड से लेकर हवाई जहाज तक के शॉकर बनाए जाते थे। यह सूरजपुर क्षेत्र की तत्कालीन डीसीएम टोयोटा, एस्कॉर्ट यामाहा, एशियन पेंट्स और एस आर एफ सहित उन चार-पांच शानदार औद्योगिक इकाइयों में से एक थी जिसमें श्रमिकों को उच्चस्तरीय वेतन, ड्रेस, लाने ले जाने की सुविधा और कैंटीन की सुविधा उपलब्ध थी। लगभग चार वर्ष पूरी क्षमता से चलने के बावजूद कंपनी संचालकों की मनमर्जी और स्थानीय श्रमिकों की बेजा मांगों के चलते यह कंपनी बंद हो गई। लगभग 12 वर्ष बाद मूल आवंटी ने इसे 2001 में मैसर्स पियाजियो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया।पियाजियो इंडिया व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड (PVPL), इतालवी ऑटोमोटिव दिग्गज पियाजियो ग्रुप की 100% पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय सहायक कंपनी है। 1999 में स्थापित, यह कंपनी भारत में ‘पियाजियो आपे’ (Ape), ‘वेस्पा’ (Vespa), और ‘अप्रिलिया’ (Aprilia) जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों के माध्यम से प्रीमियम टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर बनाती है।इसे 2003 तक उत्पादन शुरू न करने पर यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा नोटिस जारी किया गया, तत्पश्चात भी उत्पादन शुरू न करने पर 25 अगस्त,2008 को आवंटन निरस्त कर दिया गया।पियाजियो द्वारा यूपीसीडा के निरस्तीकरण के आदेश को  उच्च न्यायालय इलाहाबाद व सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई परन्तु दोनों न्यायालयों द्वारा यूपीसीडा के निर्णय को उचित ठहराया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि औद्योगिक गतिविधियां शुरू न करने तथा न्यायालयों में हार होने के बाद यूपीसीडा द्वारा उक्त भूमि का कब्जा वापस प्राप्त कर लिया गया है। इस भूमि की वर्तमान कीमत 335 करोड़ आंकी जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि पियाजियो कंपनी द्वारा यूपीसीडा के बैंक खाते में 2008 में बगैर सूचना लगभग छत्तीस करोड़ रुपए जमा करा दिए गए जबकि उससे पहले भूमि का आवंटन निरस्त किया जा चुका था। उल्लेखनीय है कि लगभग दो वर्ष पहले यूपीसीडा ने डेवू मोटर्स को आवंटित 204 एकड़ यानी 825612 वर्गमीटर भूमि का आवंटन निरस्त कर कब्जा वापस प्राप्त कर लिया था। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि यूपीसीडा द्वारा ग्रेटर नोएडा व दादरी क्षेत्र में साढ़े तीन हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की गई है जिसमें दो बड़ी सीमेंट उत्पादन इकाई भी शामिल हैं।यूपीसीडा की अमूमन सभी औद्योगिक इकाइयां क्रियाशील हैं।(नेक दृष्टि)

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