-राजेश बैरागी-
कर्मचारियों और अधिकारियों के अभाव से जूझ रहे प्राधिकरणों में नयी नियुक्तियों से परहेज़ कर रही उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का सेवानिवृत्त अधिकारियों पर भरोसा बरकरार है। यमुना प्राधिकरण से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए विशेष कार्याधिकारी अभियंता मेहराम सिंह को पुनर्नियुक्ति देकर पुनः यमुना प्राधिकरण में ही तैनात किया गया है। इससे पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में महाप्रबंधक नियोजन के पद पर कार्यरत रहीं लीनू सहगल को लगभग पांच महीने बाद एक बार फिर पुनर्नियुक्ति दी गई है।
उल्लेखनीय है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में तबादलों और सेवानिवृत्ति के चलते आवश्यकता के मुकाबले काफी कम अधिकारी रह गए हैं। आंकड़ों की मानें तो इन प्राधिकरणों में स्वीकृत पदों के सापेक्ष एक तिहाई से भी कम अधिकारी कर्मचारी वर्तमान में तैनात हैं।इससे इन प्राधिकरणों के कामकाज पर बुरा असर भी पड़ रहा है। इसके बावजूद राज्य सरकार नयी नियुक्तियों से परहेज़ बरत रही है। इसके विपरित राज्य सरकार सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों को पुनर्नियुक्ति देकर वापस उसी स्थान पर उन्हें तैनात कर रही है।गत 30 मई को यमुना प्राधिकरण से सेवानिवृत्त हुए विशेष कार्याधिकारी अभियंता मेहराम सिंह को यहीं पर पुनर्नियुक्ति दे दी गई है। बीते कल उन्होंने शासन द्वारा पुनर्नियुक्ति के आदेश के आधार पर फिर से पदभार ग्रहण कर लिया। एक सप्ताह पहले इसी प्रकार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में लीनू सहगल को एक बार फिर महाप्रबंधक नियोजन के पद पर पुनर्नियुक्ति दी गई है।लीनू सहगल इससे पहले भी दिसंबर 2025 तक कई बार पुनर्नियुक्त रह चुकी हैं। राज्य सरकार ने इन दोनों अधिकारियों की योग्यता और उपयोगिता के आधार पर इन्हें पुनः सेवा का अवसर दिया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि हाल ही में लखनऊ सचिवालय में तैनात रहे कई अधिकारियों ने सेवानिवृत्ति के बाद जुगाड़ लगा कर इन प्राधिकरणों में पुनर्नियुक्ति हासिल की है। हालांकि उन अधिकारियों की उपयोगिता को लेकर तमाम चर्चाएं चल रही हैं।(नेक दृष्टि)(ऐसे ही अन्य समाचारों आलेख के लिए हमारी वेबसाइट www.nekdristi.com देखें)
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