_-राजेश बैरागी-_
किसी भी बिल्डर प्रोजेक्ट में वादा खिलाफी और धोखाधड़ी न हो, ऐसा असंभव हो चला है। ताजा मामला यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर 19 स्थित गौरसंस द्वारा विकसित एयरोसिटी में 400 कॉमर्शियल भूखंडों की योजना के खरीदारों को बताए,दिखाए और योजना के ब्रोशर में दर्शाए गए मल्टीलेवल पार्किंग स्थल को लगभग चालीस मंजिला मॉल, होटल और स्टूडियो अपार्टमेंट में बदलने का है। यह योजना 2021 में लाई गई थी।तब खरीदारों को बताया गया था कि लगभग चार सौ भूखंडों के कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के सामने बेसमेंट सहित आठ मंजिला कार पार्किंग बनाई जाएगी। गौरसंस ने ग्राहकों से किए गए वादे और ब्रोशर को धता बताते हुए गत 22 जनवरी 2026 को पुनरीक्षित भू विन्यास मानचित्र को स्वीकृति हेतु यमुना प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया।इसकी भनक लगने पर कॉमर्शियल भूखंड खरीदारों क्रमशः आदर्श कंस्ट्रक्शन ने गत 10 अगस्त और खरीदारों की एसोसिएशन द्वारा 27 अगस्त को यमुना प्राधिकरण को पत्र लिखकर परियोजना का स्वरूप बदलने का कड़ा विरोध किया गया। खरीदारों का कहना है कि सामने मॉल बनने और पार्किंग की जगह न रहने से उनकी मार्केट का कोई महत्व नहीं रहेगा।लिहाजा प्राधिकरण ने दोनों पक्षों को कल 22 सितंबर को अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया है। बैठक की अध्यक्षता स्वयं मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह करेंगे।(नेक दृष्टि)
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