_-राजेश बैरागी-_
720 मीटर दूरी का सफर कितना रोमांचक और सुकून भरा हो सकता है?आज मैंने जब इरादतन चार मूर्ति चौक के नीचे नवनिर्मित और बीते कल आम जनता के परीक्षण के लिए खुले 720 मीटर लंबे अंडरपास को कार से पार किया तो रोमांच के साथ गहरे सुकून का भी अनुभव हुआ। इस चौक पर कुछ महीने पहले तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा-गाजियाबाद आने जाने वाले लोग अपने अपने वाहनों को लेकर अपने गंतव्य को जाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा करते रहते थे। अंडरपास बनाने के लिए सीवर व बिजली की लाइनें और पेड़ों को हटाने का काम शुरू हुआ तो जाम की समस्या गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। निर्माण शुरू होने से ठीक इक्कीस महीने बाद कल जब यह अंडरपास खुला तो लोग पुराने जाम की कड़वी यादें भूलकर दौड़ पड़े। ऊपर नोएडा आने जाने वाली सड़क पहले ही दुरुस्त होकर खुल चुकी थी। यह अंडरपास इस चौक का जाम समाप्त करने के साथ अपने निर्माण की विशेषता के लिए भी जाना जाएगा।एक पत्रकार साथी ने आज नोएडा से ग्रेटर नोएडा चार मूर्ति चौक तक पहुंचने के लिए लगभग ढाई घंटे मशक्कत की, परंतु चार मूर्ति पहुंचने के साथ उसकी गाड़ी को जैसे पंख लग गए। सड़कें चौड़ी, साफ-सुथरी और अतिक्रमण मुक्त हों तो शहर की शक्ल ओ सूरत ही बदल जाती है। यहां यह बताना आवश्यक है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी के निर्देश पर प्राधिकरण के अभियांत्रिकी विभाग ने पिछले एक वर्ष में ग्रेटर नोएडा शहर की सभी प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने का अभियान चला रखा है। इससे 130 मीटर रोड और सेक्टरों के बीच से गुजर रही अधिकांश सड़कों को अनावश्यक चौड़ी सेंट्रल वर्ज को सीमित कर चौड़ा किया जा रहा है। वापसी में जब चार मूर्ति चौक से मैंने गाड़ी बांयी ओर मोड़ी तो त्यौहार होने के बावजूद सड़क पर जाम नहीं लगा था जबकि पुनर्स्थापित गौतमबुद्ध की चार मूर्तियां थोड़ा सा सिर झुकाए नीचे और ऊपर सरपट दौड़ रहे यातायात को देख रही थीं।(नेक दृष्टि)
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