नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा:उद्घाटन की दिन-रात तैयारियों को गेहूं की फसल का दंडवत प्रणाम

-राजेश बैराग-
दो दिन पहले किसी स्थान से गुजरते हुए फसल बीमा का आग्रह करता एक बोर्ड दिखाई दिया था। उसमें फसल क्षतिग्रस्त होने पर बीमे से नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया गया था। आज उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेने निकले हम पत्रकारों को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सीमाओं से लगी खेतीहर भूमि पर गेहूं की फसल लेटी हुई दिखाई दी।हाल ही में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश का सामना करने में विफल रही वर्षभर की मुख्य फसल धरती की गोद में गिर गई। ऐसा अनुभव हो रहा था कि विकास की ऊंची छलांग को यह फसल दंडवत प्रणाम कर रही हो।तीन दिन बाद हवाई अड्डे का बहुप्रतीक्षित उद्घाटन है। इस हवाई अड्डे के लिए भूमि देने वाले किसान आसमान की ओर निहार रहे हैं। क्या उनकी उत्सुकता उनकी धरती पर पहली बार उतरने वाले हवाई जहाज की पहली झलक देखने के लिए है? उनकी इसी धरती पर चार वर्ष में दोबारा वजीर ए आजम और वजीर ए आला फिर से पधार रहे हैं।वे हवाई अड्डे को जनता को समर्पित करेंगे।दयानतपुर गांव से गुजरते हुए एक ग्रामीण से एयरपोर्ट का रास्ता पूछने पर उसने उल्टे हमसे पूछा-वहां घुसने का पास है तुम्हारे पास? उसने रास्ता बताते हुए कहा कि वहां प्रवेश के लिए पास होना अनिवार्य है। संभवतः उस ग्रामीण की भूमि भी हवाई अड्डे के लिए अधिग्रहित हुई होगी। अपनी भूमि से मानव जाति के श्रेष्ठ आविष्कारों में से एक हवाई जहाज को उड़ान भरते देख किसे गर्व नहीं होगा। हवाई अड्डा चालू होने से रोजगार और विकास की ऐसी अनेक संभावनाएं बनेंगी जिनसे यह क्षेत्र दिल्ली के अत्यधिक निकट होने के बावजूद आज तक अछूता है। घर का पता तो कम से कम हवाई अड्डे के निकट हो ही जाएगा। कड़ी सुरक्षा के बीच उद्घाटन की तैयारियों को अंजाम दिया जा रहा है। डेढ़ लाख लोगों के आने की संभावना के दृष्टिगत आधुनिक पंडाल सजाया जा रहा है। इसमें 66 ब्लॉक और एक मुख्य मंच सहित दो मंच बनाए गए हैं।दिन रात काम चल रहा है। हरियाणा की ओर से आने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे उद्घाटन के लिए आने वाले अतिथियों की प्रतीक्षा कर रहा है। हवाई अड्डे की सीमाओं के परे खेतों में लेटी हुई फसल के फिर उठ खड़े होने की कोई गुंजाइश नहीं है। हवाई जहाजों को देखने के लिए भी नहीं।बीमे से फसल के नुकसान की भरपाई कभी हो पाई है क्या? यमुना प्राधिकरण के तहसीलदार मनोज कुमार सिंह बताते हैं कि हवाई अड्डे के आसपास की कुछ भूमि अधिग्रहीत है और शेष अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित है। उसपर हवाई अड्डे के दूसरे चरण का विकास किया जाएगा।(नेक दृष्टि)

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