
-राजेश बैरागी-
क्या उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वेतन वृद्धि की घोषणा के बाद नोएडा में चल रहा औद्योगिक कामगारों का आंदोलन शांत हो गया है?चार दिनों बाद नोएडा औद्योगिक क्षेत्र आज अमूमन शांत रहा। शासन की उच्चाधिकार प्राप्त समिति, जिला प्रशासन व पुलिस के साथ उद्यमी संगठनों ने भी आज कामगारों से काम पर लौटने और शांति बनाए रखने की अपील की। इस बीच आंदोलन को भड़काने तथा हिंसक बनाने के कथित आरोपी साढ़े तीन सौ से अधिक लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित शासन की उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने आज ग्रेटर नोएडा के प्रेक्षागृह में औद्योगिक कामगारों के वेतन में लगभग 21 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की। यह वेतन वृद्धि केंद्र सरकार द्वारा तैयार की जा रही श्रम संहिता 2026 के अस्तित्व में आने तक अंतरिम रूप से लागू रहेगी। इस वेतन वृद्धि के तहत नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिक को 11313 के स्थान पर 13690 रुपए, अर्द्धकुशल श्रमिक को 12445 के स्थान पर 15059 रुपए तथा कुशल श्रमिक को 13940 के स्थान पर 16868 रुपए मिलेंगे। समिति के अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं अवस्थापना आयुक्त दीपक कुमार ने वेतन वृद्धि की घोषणा के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सेवायोजक अर्थात कंपनी मालिक आवश्यकता अनुसार इससे अधिक वेतन भी दे सकते हैं परन्तु न्यूनतम इतना वेतन तो देना ही होगा। प्रेस वार्ता में उनके साथ अपर मुख्य सचिव उद्योग आलोक कुमार, प्रमुख सचिव श्रम एम के एस सुंदरम,श्रम आयुक्त मार्कंडेय शाही, यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह भी मौजूद थे। प्रेस वार्ता का संचालन जिलाधिकारी मेधा रूपम ने किया। वेतन वृद्धि की घोषणा के बाद अहम् सवाल यह है कि क्या श्रमिक इससे संतुष्ट होंगे? दीपक कुमार ने इस सवाल का सीधा जवाब तो नहीं दिया परंतु उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में औद्योगिक क्षेत्र विभिन्न चुनौतियों से गुजर रहा है। कच्चा माल, ईंधन तेल गैस की कीमतों में वृद्धि तथा पर्याप्त आपूर्ति न होने की समस्या तो है ही, तैयार सामान दूसरे देशों में निर्यात करने पर भी संकट बना हुआ है। ऐसे में सेवायोजकों और श्रमिकों को मिलजुलकर ही औद्योगिक क्षेत्र को चलाना होगा।आज एक दो छिटपुट घटनाओं को छोड़कर नोएडा में शांति बनी रही।कल किए गए एलान के अनुसार आज अधिकांश औद्योगिक इकाइयां बंद रहीं। हालांकि कुछ कंपनियों में अन्य दिनों की भांति काम किया गया।पुलिस ने सुरक्षा के लिए जगह-जगह अपनी उपस्थिति बनाए रखी। पिछले चार दिनों में दंगा भड़काने, आगजनी तथा तोड़फोड़ करने वाले संदिग्ध साढ़े तीन सौ से अधिक लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। फिर से उपद्रव न होने देने के लिए कमिश्नरेट पुलिस और जिला प्रशासन समूचे नोएडा को 35 भागों में बांटकर सतत् निगरानी कर रहे हैं।आज छुट्टी का माहौल था और पुलिस प्रशासन भी सतर्क था तो शांति कायम रही।कल सभी औद्योगिक इकाइयों के खुलने पर श्रमिकों के मूड का पता चलेगा। हालांकि आज रात तक अन्य जनपदों से भी भारी संख्या में पुलिस बल यहां पहुंच रहा है। चुनावी वर्ष होने और पश्चिम बंगाल में आगामी 23 व 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत सरकार किसी भी कीमत पर नोएडा सहित किसी भी स्थान पर न तो हिंसक आंदोलन होने देना चाहती है और न श्रमिकों के साथ किसी प्रकार का बल प्रयोग ही करना चाहती है। तत्काल वेतन वृद्धि के साथ हालात की सतत् निगरानी इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए की जा रही है।(नेक दृष्टि)
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