-राजेश बैरागी-
नोएडा प्राधिकरण ने न्यू नोएडा में भूमि खरीदने के लिए यमुना प्राधिकरण के समान 4300 रुपए प्रति वर्ग मीटर तय किया है। क्या इस दर पर न्यू नोएडा के लिए भूमि देने को क्षेत्र के किसान तैयार होंगे जबकि आगामी बोर्ड बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपने क्षेत्र में आगे भूमि खरीदने के लिए छः प्रतिशत आवासीय भूखंड के साथ छ: हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर का प्रस्ताव रखने जा रहा है।
न्यू नोएडा (DNGIR – दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र) उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वकांक्षी परियोजना है, जो 21,000 हेक्टेयर भूमि पर दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों को मिलाकर विकसित की जा रही है। यह 2041 तक बनकर तैयार होने वाला एक हाईटेक औद्योगिक शहर होगा, जो मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और स्टार्टअप हब के रूप में काम करेगा, जिसमें 6 लाख लोगों के रहने की व्यवस्था होगी।
इसके लिए भूमि दर तय कर दी गई है। इस सोमवार नोएडा प्राधिकरण बोर्ड की 222 वीं बैठक में यह एक अहम् मुद्दा था। प्राधिकरण बोर्ड ने न्यू नोएडा में भूमि खरीदने के लिए 4300 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर तय की है। यही दर यमुना प्राधिकरण हवाई अड्डे के दूसरे चरण तथा अन्य परियोजनाओं के लिए खरीदी जा रही भूमि के लिए दे रहा है। यमुना प्राधिकरण ने लगभग दो वर्ष पहले यह दर तय की थी। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के मुकाबले न्यू नोएडा की भूमि विकास की दृष्टि से ज्यादा मुफीद है। यहां डीएम सर्किल रेट भी अधिक है। बुलंदशहर खुर्जा विकास प्राधिकरण भी इसी क्षेत्र में अधिक दरों पर भूमि खरीदने जा रहा है।इन सब परिस्थितियों में न्यू नोएडा के लिए 4300 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से भूमि खरीदने का प्रस्ताव न केवल वास्तविक बाजार दरों के मुकाबले बेहद कम है बल्कि आसपास दूसरे प्राधिकरणों द्वारा तय की जा रही दरों से भी मेल नहीं खाता है। प्रश्न यह है कि यह दर तय करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने क्या आधार लिया है? नियमानुसार खरीदी जाने वाली भूमि का प्रचलित डीएम सर्किल रेट तथा प्रचलित खरीद-फरोख्त का बाजार रेट को आधार बनाकर मुआवजा दरें तय की जाती हैं। हालांकि आज इस संबंध में बताने के लिए नोएडा प्राधिकरण का कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं था।न्यू नोएडा के अधिसूचित अधिकांश गांवों में चल रही खरीद-फरोख्त काफी ऊंची बताई जा रही है। जीटी रोड के आसपास के गांवों में में तो वेयर हाउस आदि बनाने के लिए स्थानीय और बाहरी खरीदारों ने रेट आसमान पर पहुंचा दिए हैं। ऐसे में जबकि किसान प्राधिकरणों को भूमि देने को तैयार नहीं हैं तो अव्यवहारिक दरें तय कर नोएडा प्राधिकरण क्या करने जा रहा है। क्षेत्र में भूमि संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर दृष्टि रखने वाले लोगों का मानना है कि इस दर पर न्यू नोएडा के लिए भूमि मिलना शायद ही संभव हो।(नेक दृष्टि)(ऐसे ही अन्य समाचारों आलेख के लिए हमारी वेबसाइट www.nekdristi.com देखें)
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