
_-राजेश बैरागी-_
क्या नोएडा के सेक्टर 104 स्थित गांव हाजीपुर के खसरा संख्या 412 पर हाल ही में प्रतीकात्मक रूप से ध्वस्त किए गए निर्माणाधीन कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का बिल्डर माफिया प्राधिकरण अधिकारियों की सांठगांठ से एक बार फिर निर्माण शुरू करने जा रहे हैं? सूत्र बता रहे हैं कि बिल्डर माफिया अदालत में स्थगनादेश निरस्त होने के बाद प्राधिकरण अधिकारियों से मेल-जोल बढ़ाकर अवैध बिल्डिंग पर ग्रीन नेट लगाने की अनुमति हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर को नोएडा प्राधिकरण ने हाजीपुर गांव के खसरा संख्या 412 पर अधूरे बने खड़े पांच मंजिला कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स को तोड़ा था ।इस बिल्डिंग पर 12 अप्रैल 2023 से चला आ रहा सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट का एकपक्षीय स्थगनादेश गत 17 अगस्त को प्राधिकरण की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप निरस्त हो गया था। प्राधिकरण की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान पुलिस के कथित असहयोग की भी चर्चा रही थी।अब बिल्डर माफिया द्वारा एक बार फिर अपने लुटे साम्राज्य को वापस पाने का प्रयास किया जा रहा है। प्राधिकरण की अर्जित और कब्जा प्राप्त गांव हाजीपुर के खसरा संख्या 412 पर इस भवन को भूमाफियाओं निश्याम बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड व हिमश्री हिमालय बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड ने बनाया था। नेक दृष्टि ने पहले भी बताया है और यह कोई छिपा हुआ रहस्य भी नहीं है कि प्राधिकरण की भूमि पर प्राधिकरण के अधिकारियों के सहयोग के बगैर पांच मंजिला कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बन जाना संभव नहीं था। इसके लिए भारतीय किसान यूनियन(टिकैत)का भी सहारा लिया गया। पहले सीलिंग और अब ध्वस्तीकरण के बावजूद बिल्डर माफिया के हौंसले बुलंद हैं। उनके द्वारा प्राधिकरण में रोजाना दस्तक देकर इस भवन पर पुनः कब्जा हासिल कर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए बिल्डिंग पर ग्रीन नेट लगाने की अनुमति मांगी जा रही है। ग्रीन नेट की आड़ में होने वाले निर्माण कार्य को प्रत्यक्ष होने से छिपाया जा सकेगा। हालांकि महाप्रबंधक सिविल ए के अरोड़ा ने उन्हें दुत्कार कर भगा दिया है परंतु उनके प्रयास जारी हैं। उनके द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद से भी अपने पक्ष में कोई आदेश हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।(नेक दृष्टि)
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