
_-राजेश बैरागी-_
अपर श्रमायुक्त न्यायालय द्वारा हाल ही में दिए गए दो निर्णयों से दादरी स्थित अवाडा गीगा कंपनी तथा नोएडा सेक्टर 128 स्थित जे पी विशटाउन के 85 श्रमिकों को लगभग 41 लाख रुपए बकाया का भुगतान किया गया है। दोनों ही मामलों में श्रमिक आपूर्ति करने वाले ठेकेदारों द्वारा भुगतान न करने पर अपर श्रमायुक्त ने मुख्य नियोक्ताओं को भुगतान करने का आदेश दिया था।नोएडा सेक्टर 3 स्थित अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी की श्रम न्यायालय द्वारा जे पी विशटाउन में कार्यरत 43 श्रमिकों को उनके बकाया 31 लाख 77 हजार रुपए भुगतान करने का आदेश दिया। इस संबंध में श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा जे पी विशटाउन तथा वहां श्रमिक आपूर्ति करने वाली फर्म मैसर्स पैराग्रीन गार्डनिंग प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध वाद दायर किया था।श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा प्रस्तुत वाद में बताया गया था कि जे पी विशटाउन में कार्यरत श्रमिकों को न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है। सुनवाई के दोनों प्रतिवादियों जे पी विशटाउन द्वारा जे पी इंफ्रा लिमिटेड सेक्टर 128 नोएडा तथा मैसर्स पैराग्रीन ने एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हुए श्रमिकों के बकाया वेतन के लिए स्वयं को वाद मुक्त करने तथा वाद खारिज करने की मांग की।अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने श्रम कानूनों के आधार पर श्रमिकों के बकाया लगभग 32 लाख रुपए भुगतान करने का आदेश दिया।इसी प्रकार कोट गांव दादरी स्थित अवाडा इलेक्ट्रो लिमिटेड को संविदाकार मैसर्स डैफोडिल इंजीनियरिंग द्वारा आपूर्ति किए गए 42 श्रमिकों का बकाया ₹8,94,903/- भुगतान करने का आदेश दिया। बताया गया है कि श्रम न्यायालय की सख्ती के चलते दोनों ही मामलों में श्रमिकों को उनके बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया है।(नेक दृष्टि)(ऐसे ही अन्य समाचारों आलेख के लिए हमारी वेबसाइट www.nekdristi.com देखें)
Leave a Reply