-राजेश बैरागी-
उत्तर प्रदेश के उद्योग एवं अवस्थापना मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी बीते कल से आने वाले कल तक नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं।कल नोएडा प्राधिकरण के आधा दर्जन अधिकारियों को लखनऊ बुलाकर सभी प्रमुख विभागों की समीक्षा की गई। आज ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का दिन था। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से भी दो अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों सहित आधा दर्जन अधिकारी लखनऊ पहुंचे। हालांकि मंत्री जी की व्यस्तता के चलते ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कामकाज की समीक्षा बैठक आज टल गई। आने वाले कल यानी गुरुवार को यमुना प्राधिकरण के कामकाज की समीक्षा बैठक में शामिल होने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह व अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया के नेतृत्व में प्राधिकरण के की अधिकारी लखनऊ पहुंचेंगे। लगातार तीन दिन तीनों प्राधिकरणों के अधिकारियों को लखनऊ बुलाकर समीक्षा बैठक करने से समय और संसाधनों का भारी उपयोग हुआ है। इसमें भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की समीक्षा बैठक आज टल जाने से समय और संसाधनों का उपयोग ऐसे भी निष्फल हो गया। क्या मंत्री जी को यहां आकर तीनों प्राधिकरणों के साथ बैठक नहीं करनी चाहिए थी? ऐसा पहले भी होता रहा है। ऐसा करने से प्राधिकरणों के कामकाज का मौके पर जाकर सत्यापन (यदि आवश्यक लगे) भी किया जा सकता है। यही नहीं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया से भी वार्ता कर वस्तुस्थिति से अवगत हुआ जा सकता है। बताया जा रहा है कि हाल ही में हुए योगी मंत्रीमंडल विस्तार के बाद और नये तथा प्रोन्नत मंत्रियों के बीच कामकाज बंटवारे से पहले तीनों प्राधिकरणों के कामकाज की समीक्षा बैठक बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। इस बीच अंतर प्राधिकरण तबादलों के तहत कल और आज यमुना, नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों में नियुक्त कई अभियंताओं और अन्य अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। इनमें से कुछ अधिकारियों को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) भी भेजा गया है। नीति के अनुसार तबादलों की आवाजाही आगामी 31 भी तक चलती रह सकती है। यह तबादले भी उद्योग मंत्री की सहमति से होते हैं। फिलहाल समीक्षा बैठकों और तबादलों से तीनों प्राधिकरणों का कामकाज ठप्प जैसा हो गया है।(नेक दृष्टि)(ऐसे ही अन्य समाचारों आलेख के लिए हमारी वेबसाइट www.nekdristi.com देखें)
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