एक सेवानिवृत्त अधिकारी की विदाई


-राजेश बैरागी-
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में लंबे समय से कार्यरत एक अधिकारी के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें विदाई दी गई। विदाई समारोह में मुख्य कार्यपालक अधिकारी समेत अमूमन सभी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे और सभी ने उनकी कार्यशैली, व्यवहार कुशलता और योग्यता की खूब प्रशंसा की। दरअसल विदाई समारोह एक रस्म अदायगी है जिसपर शिष्टाचार का प्रोटोकॉल लागू होता है। सेवानिवृत्त होने वाले व्यक्ति को बहुत न जानने वाले और उसके प्रति सद्भावना न रखने वाले लोग भी इस समय उसकी शान में कसीदे पढ़ने के लिए विवश होते हैं। सरकारी संस्थानों में आयोजित होने वाले विदाई समारोह में विदा होने वाले व्यक्ति के सहकर्मी उत्साह से कम परंतु उसके प्रति लोगों द्वारा व्यक्त किए जाने वाले विचारों को सुनने के लिए अधिक जुटते हैं। परंपरानुसार इस विदाई समारोह में भी ऐसी ही भावना के साथ लोग जुटे।विदा हो रहे अधिकारी ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने आभार जताने के साथ अपने जीवन के खट्टे-मीठे अनुभव भी साझा किए। हालांकि विचार व्यक्त करते करते ये अधिकारी अपनी रौ में शिष्टाचार भूल गए। उन्होंने पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी पर अशोभनीय टिप्पणी कर दी। इससे समारोह में उपस्थित सभी अधिकारी असहज हो गए। बताया गया है कि जिस कारण इन अधिकारी ने पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी की आलोचना की,उसी कारण को अपने लिए साकार करने के लिए ये अधिकारी जोर शोर से प्रयासरत हैं।(नेक दृष्टि)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *