नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण: *सरकारी कार्यदाई संस्थाओं को महत्वपूर्ण परियोजनाओं के ठेके देने की अनिवार्यता के नुकसान

_-राजेश बैरागी-_

नोएडा प्राधिकरण द्वारा जारी एक प्रेस नोट में बताया गया है कि सेक्टर 150 से 162 तक के क्षेत्र को वर्षा जलप्लावन से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को नाला और हिंडन नदी पर रेगुलेटर बनाने का ठेका दिया गया है।31 करोड़ 39 लाख 65 हजार रुपए की इस परियोजना पर प्राधिकरण और सिंचाई विभाग इस वर्ष की शुरुआत से वार्तालाप कर रहे थे जिसके परिणामस्वरूप दोनों के बीच एक एम ओ यू हुआ और एक तिहाई धनराशि लगभग 11 करोड़ रुपए अग्रिम रूप से सिंचाई विभाग को गत मई माह में भुगतान भी कर दिए गए। इस सब के बावजूद परियोजना की वर्तमान स्थिति क्या है? सेक्टर 150 से 162 क्षेत्र भौतिक रूप से निम्न तलीय है। यहां प्रतिवर्ष वर्षाकाल में पानी भर जाता है। आंतरिक नाले बेबस होकर पानी को ग्रीन बेल्ट और जहां तहां फैला देते हैं। प्रेस नोट में कहा गया है कि पानी भरे रहने से ग्रीन बेल्ट बर्बाद हो रही है। सेक्टर 150 में जिस भूखंड में डूबने से इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हुई उसमें यही पानी भरा हुआ था। आज भी हालात वैसे ही हैं। परंतु अग्रिम धनराशि मिलने के बावजूद सिंचाई विभाग ने अभी तक इस परियोजना का कुछ नहीं किया है जबकि वर्षा ऋतु जाने को है। ऐसे ही पिछले वर्ष ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा अपनी 140 वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार ऐमनाबाद गांव के सामने हिंडन नदी पर बनाया जाने वाला रेगुलेटर पर अभी तक एक तिहाई काम भी पूरा नहीं हुआ है। यह काम भी सिंचाई विभाग ही कर रहा है। नोएडा के सेक्टर 41 आगाहपुर गांव से फेज दो एन एस ई जेड तक बनाया गया एलेवेटेड रोड पांच वर्ष से अधिक समय में बनकर तैयार हुआ था।उसे भी उत्तर प्रदेश की एक सरकारी एजेंसी सेतु निगम ने बनाया था और खूब झंझट हुआ था।ऐलेवेटेड रोड के नीचे पुरानी सड़क को दुरुस्त करने का काम अभी तक अधूरा पड़ा है। सेक्टर 94 नोएडा में प्रस्तावित अति महत्वपूर्ण परियोजना नोएडा कंवेंशन एंड हेबिटेट सेंटर भी इसी प्रकार प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के बीच झगड़े की भेंट चढ़ चुका है।684 करोड़ रुपए की इस परियोजना का ठेका 2021 में रद्द होने के बाद अब इसे कौन और कब बनाएगा, कोई नहीं जानता। ग्रेटर नोएडा में 130 मीटर रोड पर डीएफसीसी रेलवे लाइन पर लगभग दस वर्ष तक आवागमन बाधित रहने के बाद हाल ही में फ्लाईओवर चालू हो पाया है।इसे रेलवे ने बनाया है। एक क्षेत्र विशेष के संपूर्ण विकास के लिए गठित नोएडा ग्रेटर नोएडा जैसे प्राधिकरणों के विकास क्षेत्र में अन्य सरकारी कार्यदाई संस्थाओं की अनिवार्य ठेकेदारी विकास परियोजनाओं की लेट लतीफी और कभी कभी परियोजनाओं के रद्द होने का सबब बन रही है। परंतु अधिकारी कहते हैं कि ऐसा करना आवश्यक है क्योंकि सरकार और प्रशासन की यही मंशा रहती है।(नेक दृष्टि)

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