
_-राजेश बैरागी-_
पूर्वांचल का प्रवेश द्वार माना जाने वाला गोरखपुर औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के पैमाने पर कितना खरा उतरा है?नोएडा प्राधिकरण की स्थापना के साढ़े तीन बरस बाद उत्तर प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुखिया वीर बहादुर सिंह ने इस जिले के नाम पर ही गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण की स्थापना का निर्णय लिया था। यह प्राधिकरण अपनी आयु के सैंतीसवें वर्ष में चल रहा है।माना जाता है कि आमतौर पर किसी प्राधिकरण द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र को बीस वर्ष में इतना विकसित कर दिया जाता है कि उसकी पहचान स्पष्ट दिखाई देने लगे।। गीडा इस सिद्धांत पर खरा नहीं उतरा।इसे एक सैकड़ा गांवों की 25 हजार हेक्टेयर भूमि पर एकीकृत औद्योगिक शहर बसाने का टास्क दिया गया था। इसका नाम सुना जाता रहा परंतु इसकी उपलब्धियां कहीं सुनाई नहीं दीं। गीडा की वर्तमान मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक से भेंट हुई तो मालूम हुआ कि गीडा अब पुराना गीडा नहीं रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 12 सौ औद्योगिक इकाइयां क्रियाशील की जा रही हैं।कियान डिस्टेलरी, ज्ञान डेयरी,गैलंट के अलावा सैकड़ों औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं । यहां इंडिया गलाइकोल्स लिमिटेड में बनने वाली बंटी बबली देशी शराब समूचे उत्तर प्रदेश में खूब शौक से सेवन की जाती है।गीडा का सेक्टर पांच न्यू गोरखपुर के नाम से जाना जाता है। यह एक विशाल सुनियोजित तरीके से विकसित आवासीय सेक्टर है जिसमें फ्लैट और आवासीय भूखंडों पर बने मकानों में एक बड़ी आबादी निवास कर रही है। सेक्टर सात संस्थागत है। गीडा में इन्वेस्ट यूपी के प्रतिनिधि बलराम यादव ने औद्योगिक क्षेत्र का दौरा कराने के दौरान बताया कि प्राधिकरण मुख्यालय से 50 किलोमीटर दूर धुरियापार क्षेत्र में लगभग साढ़े पांच हजार एकड़ में नए औद्योगिक गलियारे की स्थापना की जा रही है तथा उत्तर प्रदेश के पहले प्लास्टिक पार्क के साथ फ़्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी किया गया है। हालांकि नोएडा में ग्यारह हजार से अधिक, ग्रेटर नोएडा में साढ़े चार हजार और यीडा में तीन हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयों के मुकाबले गीडा का औद्योगिक विकास बेहद कम है परंतु इस अत्यंत पिछड़े क्षेत्र में यदि बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो रही हैं तो निश्चित ही उत्तर प्रदेश के धुर पश्चिम में नोएडा ग्रेटर नोएडा और यीडा के मुकाबले पूर्वी सिरे पर निवेश और रोजगार की जो संभावना बन रही है,उससे यहां से श्रमिकों का पलायन तो रुकेगा ही, रोजगार के और नये अवसर भी पैदा होंगे। अनुज मलिक बताती हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।(नेक दृष्टि)
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