
_-राजेश बैरागी-_
क्या उत्तर प्रदेश भाजपा के विधायक और सांसद गुटबाजी कर रहे हैं? इससे भी अधिक महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि इस तथाकथित गुटबाजी को प्राणवायु कौन दे रहा है? क्या सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों और सांसदों के बीच गुटबाजी कराने में अधिकारियों की भी भूमिका है?इन प्रश्नों का जन्म भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के उत्तर प्रदेश दौरे के उस बयान से हुआ है जिसमें उन्होंने भाजपा सांसदों और विधायकों को गुटबाजी में न फंसने का आह्वान किया। उनके बयान से एक बात तो साफ हो गई कि उत्तर प्रदेश भाजपा में गुटबाजी है। राजनीतिक दल केवल एक दूसरे के विरुद्ध राजनीति नहीं करते हैं बल्कि एक ही दल के लोग आपस में भी एक-दूसरे की टांग खींचने में लगे रहते हैं। संभवतः इसी का नाम राजनीति है और इससे कोई भी दल अछूता नहीं है, भाजपा भी नहीं। परंतु सत्तारूढ़ पार्टी के लिए यह गुटबाजी आत्मघाती हो सकती है जब चुनाव सामने हों। नितिन नबीन उसी आशंका के दृष्टिगत भाजपा विधायकों और सांसदों को चेतावनी दे रहे होंगे। परंतु़ यह महत्वपूर्ण प्रश्न कि गुटबाजी को प्राणवायु कौन दे रहा है,को हल किए बगैर गुटबाजी को न्यून करना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री निरंतर जनपद गौतमबुद्धनगर के दौरे पर आ रहे हैं। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की परिकल्पना साकार हो चुकी है। हवाई अड्डे से प्रभावित कथित किसानों को सरकारी खर्च पर पहली उड़ान से लखनऊ ले जाकर मुख्यमंत्री से मिलवाया जा चुका है। इसके बाद मुख्यमंत्री फिर जेवर विधानसभा क्षेत्र में दो बड़ी औद्योगिक इकाइयों का शिलान्यास करने के लिए गत 27 जून को आए। अब फिर उनके जेवर विधानसभा क्षेत्र में आने का मुहूर्त बन रहा है। इस बार उनका आगमन किसानों को भूखंडों का आवंटन पत्र देने के लिए होगा। हालांकि अभी इस आगमन की अधिकारिक जानकारी नहीं है। गौतमबुद्धनगर में दो विधानसभा दादरी और नौएडा भी हैं। पहली उड़ान के अवसर पर क्षेत्रीय सांसद डॉ महेश शर्मा समेत कई पड़ोसी सांसदों और भाजपा विधायकों को नहीं बुलाया गया था। बाद में 2 जुलाई को सांसद डॉ महेश शर्मा ने लोकसभा आवास समिति के सदस्यों तथा गौतमबुद्धनगर बुलंदशहर के भाजपा विधायकों और सांसदों के साथ हवाई अड्डे पर समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह उपस्थित नहीं थे।संभवतः उन्हें बुलाया भी नहीं गया था। क्या भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री के बार-बार जेवर विधानसभा क्षेत्र में आने पर प्रश्न उठा सकते हैं? क्या नोएडा एयरपोर्ट से पहली उड़ान के समय क्षेत्रीय सांसद और अन्य विधायकों की अनदेखी किसी बड़े नेता की सहमति से की गई? क्या यह अनदेखी कराने में अधिकारियों ने भी कोई भूमिका निभाई? सांसद डॉ महेश शर्मा ने अधिकारियों से इस प्रश्न का जवाब अधिकारियों से मांगा है।जब तक ये प्रश्न अनुत्तरित हैं तब तक गुटबाजी न करने की चेतावनी महज सलाह है जिसे मानना और न मानना पूरी तरह स्वेच्छा आधारित है।(नेक दृष्टि)
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