यमुना प्राधिकरण का आगामी वित्त वर्ष के लिए लगभग 12 हजार करोड़ रुपए का बजट तय, सभी संपत्तियों की दरों में 3.58 प्रतिशत की मामूली वृद्धि

राजेश बैरागी।राधेश्याम कृत रामायण में अच्छे शासक प्रशासक के लिए कहा गया है -‘रजनी में देखे राजकाज दिन में सच्चा न्यायेशवर हो, खर्चे से ज्यादा आमद हो वेतन भुगतान समय पर हो।’ यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के वर्तमान मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने अपने पहले बजट में उपरोक्त चौपाई के निर्देश का पूरा ध्यान रखा है। आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तय किए गए बजट में जहां 11830 करोड़ रुपए आमदनी का लक्ष्य रखा गया है वहीं खर्च करने के लिए 11811 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यानी अपेक्षित आय के मुकाबले प्राधिकरण आगामी वित्त वर्ष में 19 करोड़ रुपए कम खर्च करेगा। प्राधिकरण की आज आयोजित 89 वीं बोर्ड बैठक में बजट के अलावा कई और महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। बोर्ड ने प्राधिकरण द्वारा आवंटित की जाने वाली सभी प्रकार की संपत्तियों की दरों में मुद्रास्फीति के दृष्टिगत 3.58 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।नयी दरें आगामी 1अप्रैल से लागू होंगी। ट्रांसपोर्ट भू-उपयोग और मल्टीपल भू-उपयोग की दरें तय करने के लिए अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों क्रमशः शैलेन्द्र भाटिया तथा मनीष मीणा के नेतृत्व में कमेटियों के गठन को भी बोर्ड से मंजूरी मिल गई।इन कमेटियों में नोएडा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों के वित्त अधिकारी भी शामिल होंगे। प्राधिकरण क्षेत्र में ट्रैफिक पार्क सह प्रशिक्षण केंद्र बनाने के लिए मै होंडा इंडिया फाउंडेशन का चयन किया गया है। इसके लिए प्राधिकरण निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराएगा जबकि फाउंडेशन अपने नैगम सामाजिक दायित्व कोष (सीएसआर) से निर्माण करेगा। इसके संचालन के लिए अलग से विचार किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव व प्राधिकरण अध्यक्ष आलोक कुमार ने की।

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