अधिवक्ता पुलिस विवाद में नया मोड़, गुस्साए अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों को खदेड़ा तो बार ने बनाई जांच कमेटी

राजेश बैरागी।गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के बिसरख थाने पर एक अधिवक्ता के साथ पुलिस द्वारा की गई मारपीट की घटना में कल ही पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के बावजूद अधिवक्ताओं के एक धड़े ने आज जिला न्यायालय में पैरवी के लिए आए पुलिसकर्मियों को दौड़ा कर खदेड़ दिया। हालांकि इस कार्रवाई को बार एसोसिएशन का समर्थन नहीं था। उधर एक अधिवक्ता द्वारा पीड़ित अधिवक्ता की सदस्यता को लेकर उठाए गए सवाल पर बार ने एक जांच कमेटी गठित कर कल तक रिपोर्ट देने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि कल बिसरख पुलिस द्वारा एक अधिवक्ता फरीद अहमद को रात्रि में उसके घर से उठाकर लाने और निर्दयतापूर्वक मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया था। गौतमबुद्धनगर जिला न्यायालय बार एसोसिएशन द्वारा इस घटना पर सख्त रुख अपनाया गया था। जांच के बाद कल शाम को ही पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। इस कार्रवाई के बावजूद आज सोमवार को न्यायालय खुलने के साथ बार एसोसिएशन के एक धड़े के अधिवक्ताओं ने हड़ताल करते हुए न्यायालय में पैरवी करने आए पुलिसकर्मियों को दौड़ा कर बाहर खदेड़ दिया। इससे न्यायालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल रहा।नाराज अधिवक्ताओं का नेतृत्व पूर्व बार अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता योगेन्द्र भाटी ने किया। वरिष्ठ अधिवक्ता अमित राणा ने बताया कि हालांकि बार एसोसिएशन का इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन को समर्थन नहीं था।उधर एक अधिवक्ता राकेश शर्मा ने बार को एक पत्र लिखकर पीड़ित अधिवक्ता फरीद अहमद की बार सदस्यता तथा सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस न होने पर सवाल खड़े किए। इसपर बार एसोसिएशन ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक जांच कमेटी बनाकर दो दिन में रिपोर्ट मांगी है। बताया गया है कि पीड़ित अधिवक्ता की डिग्री जहां संदिग्ध मानी जा रही है वहीं उसके भाइयों की अपराधिक संलिप्तता की भी जानकारी सामने आई है।

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