राजेश बैरागी।उत्तर प्रदेश के जेवर में उद्घाटन की प्रतीक्षा कर रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को आज छः मार्च को नागर विमानन महानिदेशालय से विमान परिचालन का लाइसेंस हासिल हो गया। यह उपलब्धि कल नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा कल जारी सुरक्षा अनापत्ति से ठीक एक दिन बाद हासिल हुई जो देश के हवाई अड्डा संचालन के क्षेत्र में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है।
नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा आज जारी लाइसेंस फिलहाल छः माह की अनुमति के साथ जारी किया गया है। इसपर नागर विमानन महानिदेशक फजल अहमद किदवई के हस्ताक्षर हैं। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत आसपास के कई राज्यों के लिए सामान्य हवाई यात्रा तथा कार्गो उड़ानों के लिए महत्वपूर्ण इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का परिचालन शुरू करने की गतिविधियों में तेजी आ गई है। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) तथा यमुना एयरपोर्ट लिमिटेड के कार्यालयों में आज लाइसेंस मिलने की खुशी में जश्न का माहौल दिखाई दिया।
उल्लेखनीय है कि 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास के बाद सवा चार वर्ष में संचालन के लिए तैयार होने वाला देश का यह पहला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। इस बीच भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों के विरोध, राष्ट्रीय हरित अधिकरण की आपत्तियों के निराकरण और अन्य समस्याओं में व्यय हुए समय को घटा दिया जाए तो यह हवाई अड्डा तीन वर्ष से भी कम समय में बनकर तैयार हुआ है जो स्वयं में एक रिकॉर्ड है।इसे उत्तर प्रदेश सरकार तथा नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से उपलब्ध कराई गई भूमि पर स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख द्वारा निजी सार्वजनिक सहभागिता के आधार पर तैयार किया गया है। इस हवाई अड्डे के संचालन से आगामी समय में न केवल यह क्षेत्र यातायात के सभी साधनों से परिपूर्ण हो जाएगा बल्कि इससे क्षेत्र में रोजगार की भारी संभावना भी बनेंगी। इस हवाई अड्डे को मूर्त रूप देने में यमुना प्राधिकरण के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुण वीर सिंह, वर्तमान मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह और पहले दिन से बतौर नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया की महती भूमिका रही है।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान की ओर बढ़ते तेज कदम:कल मिली थी सुरक्षा अनापत्ति और आज मिल गया हवाई अड्डा लाइसेंस











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