
_-राजेश बैरागी-_
सेक्टर 96 में गत 28 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों लोकार्पित नोएडा प्राधिकरण का लगभग चार सौ करोड़ से निर्मित नया मुख्य प्रशासनिक भवन चार महीने बाद भी कामकाज के मामले में ताल पर नहीं आ पाया है। यहां कार्यरत अधिकांश विभागों से संबंधित फाइलें अभी भी सेक्टर छः स्थित पुराने प्रशासनिक भवन में रखी हैं और अधिकांश उच्च अधिकारी यहां नियमित बैठते नहीं हैं।नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर 96 स्थित नये मुख्य प्रशासनिक भवन में आज 27 अक्टूबर से आगंतुकों के लिए पास आधारित प्रवेश व्यवस्था लागू हो गई। हालांकि मुख्य प्रशासनिक भवन के भूतल पर लाखों रुपए खर्च कर पहले बनाया गया स्वागत पटल अब शायद किसी काम का नहीं रहा क्योंकि स्वागत पटल बाहर बना दिया गया है। इससे पहले पिछले एक हफ्ते से बेसमेंट पार्किंग साफ-सफाई और मरम्मत के लिए बंद की हुई है। इसके चलते आगंतुक अपने वाहन प्राधिकरण भवन के बाहर सड़क पर और आगे अस्थाई पार्किंग स्थल पर खड़े कर रहे हैं।चार महीने बाद भी नोएडा प्राधिकरण के नये मुख्य प्रशासनिक भवन में कामकाज की लय नहीं बन पाई है। यहां कार्यरत विभागों से संबंधित फाइलें सेक्टर 6 स्थित पुराने प्रशासनिक भवन में रखी हैं। प्रतिदिन सुबह से शाम तक आवश्यकता अनुसार फाइलें पुराने भवन से नये भवन लाई जाती हैं। दरअसल लगभग चार सौ करोड़ रुपए लागत और लगभग दस वर्ष की दीर्घावधि में बने नये प्रशासनिक भवन में प्राधिकरण के विभागों के रिकॉर्ड को रखने की व्यवस्था ही नहीं है। उधर यहां अधिकांश शीर्ष अधिकारी नियमित रूप से बैठते नहीं हैं।दो अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी क्रमशः वंदना त्रिपाठी और पुष्पराज सिंह अवश्य पूरे समय अपने कक्ष में पाए जाते हैं।कुछ महाप्रबंधक और निदेशक स्तर के अधिकारी अपने पुराने कार्यालयों में ही बैठना पसंद करते हैं। दोपहर बाद प्राधिकरण भवन में सूनापन छा जाता है। एक वरिष्ठ प्रबंधक ने यहां बैठने के प्रश्न पर कहा,-इस भवन में ऊर्जा का संचार नहीं है।’ उधर पास व्यवस्था लागू होने पर वरिष्ठ पत्रकार आशु भटनागर ने टिप्पणी की,-अब आम आदमी बगैर अनुमति भीतर जा नहीं पाएगा और प्रोपर्टी डीलर तथा तथाकथित किसान नेताओं को पास बनवाने की न पहले जरूरत थी और न आगे होगी।'(नेक दृष्टि)
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