_-राजेश बैरागी-_
क्या भूटानी बिल्डर और बोनी कपूर आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार को बदलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं? क्यायमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी का निर्माण आगामी विधानसभा चुनाव के फलस्वरूप बनने वाली नई सरकार के रुख से तय होगा? सबसे ऊंची बोली लगाकर एक टेंडर प्रतियोगिता में इसकी स्थापना का बीड़ा उठाने वाले बोनी कपूर और खासतौर पर भूटानी बिल्डर से फिल्म सिटी बनाने की उम्मीद तो फिलहाल बेमानी हो गई है।फिल्म निर्माता बोनी कपूर और भूटानी बिल्डर के साले अलीराम चेटली गत 28 सितंबर को यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में एक बार फिर उपस्थित हुए। इससे पहले भी एक और बोर्ड बैठक में भी उनकी हाजिरी लगी थी। उल्लेखनीय है कि यमुना प्राधिकरण के सेक्टर 21 में फिल्म सिटी बनाने के लिए 231 एकड़ भूमि आरक्षित की गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्म सिटी बनाने के लिए फिल्म निर्माता बोनी कपूर और भूटानी बिल्डर के संयुक्त उपक्रम बेव्यू भूटानी फिल्म प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को कंशेशनायर चुना गया है। यहां 156 एकड़ भूमि पर स्टूडियो, फिल्म शोध संस्थान/विश्वविद्यालय, साइट लोकेशन आदि विकसित किए जाएंगे जबकि शेष 75 एकड़ भूमि पर अन्य व्यवसायिक गतिविधियां होंगी। यमुना प्राधिकरण प्रशासन फिल्म सिटी परियोजना को साकार करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। फिल्म सिटी निर्माण में जहां एक हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश होगा वहीं हजारों लोगों के रोजगार की संभावना पैदा होगी। परंतु दो वर्ष पहले 27 जून 2024 को कंशेसनायर एग्रीमेंट होने के बाद से अभी तक फिल्म सिटी स्थल पर कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। एग्रीमेंट के अनुसार एक हजार दिनों में कंशेसनायर अर्थात बेव्यू भूटानी फिल्म प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को फिल्म सिटी के प्रथम चरण का निर्माण पूरा कर यहां फिल्म निर्माण, विकास एवं शोध जैसी गतिविधियां शुरू करना था। एक हजार में से आज दिनांक तक 821 दिन बीत चुके हैं। पिछले वर्ष जून में यमुना प्राधिकरण के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुणवीर सिंह ने विशेष बैठकों का आयोजन कर फिल्म सिटी के ले आउट प्लान और प्रथम चरण के मानचित्र को मंजूरी दी थी। इसके बावजूद फिल्म सिटी स्थल पर कोई हलचल नहीं है। क्या अगले 179 दिनों में आश्चर्यजनक रूप से फिल्म सिटी बनकर खड़ी हो जाएगी? बताया गया है कि बेव्यू भूटानी फिल्म कंपनी फिल्म सिटी बनाने के लिए वित्तीय स्रोतों की घोषणा नहीं कर पाई है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के की स्वप्निल परियोजनाओं में से एक मानी जाती है। पिछले दिनों एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लंबे अंतराल के बाद फिल्म सिटी के शीघ्र निर्माण होने की बात की थी। सूत्र बता रहे हैं कि बोनी कपूर और भूटानी बिल्डर आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में राजनीतिक उलट-फेर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वर्तमान सरकार उन्हें फिल्म सिटी में कॉमर्शियल स्पेस पहले बेचने की अनुमति नहीं दे रही है और कोई भी बिल्डर अपनी जेब से किसी प्रोजेक्ट को बनाता नहीं है। बिल्डर की रुचि फिल्म सिटी बनाने में नहीं बल्कि फिल्म सिटी की मुफ्त मिली भूमि को बेचकर अपनी जेब भरने के अतिरिक्त क्या हो सकती है?(नेक दृष्टि)
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