ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए जागरूक यमुना प्राधिकरण ने अग्रिम तौर पर पांच स्थल किए आरक्षित

_-राजेश बैरागी-_

यमुना एक्सप्रेस-वे के साथ साथ विकसित हो रहे भविष्य के शहर यमुना सिटी में शहरों के लिए समस्या बन रहे ठोस कचरे के निस्तारण के लिए अग्रिम व्यवस्था कर ली गई है।फेज एक के तहत एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर पांच ऐसे स्थलों को पहले ही चिन्हित कर आरक्षित कर दिया गया है जहां ठोस कचरे को लाकर आधुनिक तकनीक से उसे पुनः प्रयोजन योग्य बनाया जाएगा।यमुना प्राधिकरण ने बीते 25 वर्षों में एक नया एकीकृत औद्योगिक शहर बसाने के लिए जो प्रयास किए हैं, उतने ही प्रयास इस नए विकसित किए जाने वाले शहर को नागरिक सुविधाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए गए हैं। वर्तमान में देश के सभी महानगरों के समक्ष दैनिक आधार पर उत्पादित होने वाले ठोस कचरे को ठिकाने लगाने के साथ उसके निस्तारण की समस्या मुंह बाए खड़ी है।ठोस कचरा निस्तारण केवल समस्या ही नहीं है बल्कि यह स्थानीय निकायों के लिए अवैध कमाई का एक साधन भी बन गया है और भ्रष्टाचार के चलते ठोस कचरे के निस्तारण पर खर्च खूब हो रहा है, हल्ला भी खूब है परंतु असल में कचरे का निस्तारण हो नहीं रहा है। अधिकांश महानगरों में इस संबंध में पहले कभी कुछ सोचा ही नहीं गया।अब जब पिछले कुछ वर्षों से सोचा और किया जा रहा है तो इसमें भ्रष्टाचार की दीमक लग रही है। यमुना प्राधिकरण ने भविष्य की इस समस्या को देखते हुए ठोस कचरा निस्तारण की अग्रिम व्यवस्था करते हुए एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर पांच स्थान आरक्षित कर दिए हैं। इनमें से एक 30 हजार वर्गमीटर और शेष चार पांच पांच हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं।इन स्थानों पर आवासीय, औद्योगिक सभी जगहों से निकलने वाले ठोस कचरे का निस्तारण व पुनः प्रयोजन योग्य बनाया जाएगा। प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेन्द्र भाटिया ने बताया कि इन स्थलों का चयन जेवर एयरपोर्ट की परिधि से दस किलोमीटर दूर किया गया है ताकि कचरे की ओर आकर्षित होने वाले चील आदि पक्षियों से विमानों के संचालन में समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण ने सेक्टर 29 में 60 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित कर दिया गया है।(नेक दृष्टि)

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