_-राजेश बैरागी-_
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर 19 स्थित एयरोसिटी यमुना में एमपीसी-1 भूखंड पर आवंटित 400 भूखंडों के कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए निर्धारित मल्टीलेवल पार्किंग स्थल को मॉल, होटल और स्टूडियो अपार्टमेंट में बदलने का बिल्डर गौरसंस का सपना फिलहाल टूट गया है। यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने आज मंगलवार को दोनों पक्षों के साथ मैराथन बैठक के बाद भूखंड खरीदारों का पक्ष सही मानते हुए बिल्डर द्वारा प्रस्तुत पुनिरीक्षित भू विन्यास मानचित्र को स्वीकृत न करने का फैसला सुनाया।किसी बिल्डर द्वारा अपने प्रोजेक्ट को वादे और दावे के विपरीत अधिकतम लाभ के लिए उलट-पलट देने का यह पहला मामला नहीं था परंतु किसी प्राधिकरण द्वारा बिल्डर के इस प्रकार के प्रस्ताव को खारिज करने और खरीदारों के पक्ष में खड़े होने के मामले दुर्लभ होते हैं। नेक दृष्टि ने कल इस संबंध में एक समाचार प्रकाशित कर बिल्डर की कारस्तानी को उजागर किया था। दरअसल बिल्डर अपनी एयरोसिटी यमुना में ऊपर वर्णित भूखंड पर लगभग चार सौ व्यवसायिक भूखंड बेच चुका है।इन भूखंडों के कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के पास मल्टीलेवल पार्किंग स्थल निर्धारित है। पीछे की और भविष्य के उपयोग का भूखंड है।गत जनवरी में बिल्डर ने पार्किंग स्थल और भविष्य उपयोग के भूखंडों पर मॉल+होटल+स्टूडियो अपार्टमेंट की एक चालीस मंजिला इमारत बेन्टो बनाने का नक्शा पुनिरीक्षित भू विन्यास मानचित्र के तौर पर प्रस्तुत किया। इसके विरोध में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के भूखंड खरीदारों ने प्राधिकरण को लिखित आपत्ति दर्ज कराई।आज प्राधिकरण में हुई बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बिल्डर गौरसंस के मालिक मनोज गौड़ और खरीदारों की एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील वाधवा तथा अन्य लोगों का पक्ष सुना, बिल्डर के आवेदन, पूर्व में स्वीकृत नक्शे तथा ब्रोशर में किए गए वादों को अध्ययन करने के बाद बिल्डर के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। बिल्डर से कहा,-पहले 85 प्रतिशत खरीदारों की सहमति लेकर आओ।'(नेक दृष्टि)
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