राजेश बैरागी।ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण शीघ्र ही कृषि भूमि की मुआवजा दर बढ़ा सकता है। प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों से मिले संकेत के अनुसार नयी मुआवजा दर साढ़े पांच से छः हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर तक हो सकती है। इसके साथ ही छः प्रतिशत विकसित आवासीय भूखण्ड देने पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लैंड बैंक न होने की समस्या से जूझ रहा है।अनेक विकास परियोजनाएं, ढांचागत सुविधाएं विकसित करने तथा देश विदेश की औद्योगिक इकाइयों के लिए प्राधिकरण के पास भूमि ही नहीं है। प्राधिकरण की अर्जित भूमि का एक बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में है परंतु स्टाफ की घोर कमी के चलते प्रवर्तन अभियान भी नहीं चलाया जा रहा है। उधर बाजार कीमत के मुकाबले बेहद कम मुआवजा दर होने के चलते किसान भी प्राधिकरण को भूमि देने को तैयार नहीं हैं। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी यहां नियुक्ति के समय से ही कम मुआवजा दर लागू होने के विरुद्ध रहे हैं।उनका हमेशा मानना रहा है कि किसानों को उनकी भूमि का उचित मूल्य मिलना चाहिए। वो यहां स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों में अब तक अपने प्रयास से सैकड़ों स्थानीय युवाओं को नौकरी भी दिलवा चुके हैं। उनकी मंशा के अनुरूप आगामी बोर्ड बैठक में किसानों से ली जाने वाली भूमि की नई मुआवजा दर का प्रस्ताव रखा जाना लगभग तय है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित मुआवजा दर साढ़े पांच से छह हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर तक हो सकती है। इसके साथ किसानों को छः फीसदी आवासीय भूखण्ड देने की योजना पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।अब प्राधिकरण किसानों को उनके आवासीय भूखण्ड एक सेक्टर विकसित करके देगा जिससे किसानों को तत्काल अपने भूखंडों पर कब्जा प्राप्त हो जाएगा।(
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में शीघ्र बढ़ेगी भूमि मुआवजा दर











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