
_-राजेश बैरागी-_
दादरी विधानसभा सीट से सत्तारूढ़ पार्टी के टिकट की प्रत्याशी श्रीमती कुशल सिंह के विरुद्ध हालांकि धोखाधड़ी और गबन की एफआईआर लगभग डेढ़ महीने पहले 12 जुलाई को थाना सेक्टर 20 नोएडा में दर्ज हो चुकी थी परंतु यह बीते कल क्यों प्रकाश में आई, यह रहस्य अभी बरकरार है। पिछले डेढ़ महीने में कमिश्नरेट पुलिस ने इस एफआईआर पर क्या कार्रवाई की, यह भी एक रहस्य ही है। परंतु कुशल सिंह भाजपा के टिकट की प्रत्याशा में इस दौरान निरंतर सार्वजनिक तौर पर लोगों से मिलने मिलाने के कार्यक्रमों में व्यस्त रही हैं। उन्होंने आज ग्रेटर नोएडा वेस्ट के दो गांवों और एक सेक्टर में कुल मिलाकर पांच कार्यक्रम किए। इनमें से एक कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र, स्थानीय सांसद डॉ महेश शर्मा और हरियाणा सरकार के एक कैबिनेट मंत्री भी शामिल थे। ग्रेटर नोएडा सेक्टर 2 में हुए इस कार्यक्रम की जानकारी पुलिस को न हो, ऐसा होना संभव नहीं है। पूर्व राज्यपाल का कोई सुरक्षा प्रोटोकॉल तो अवश्य रहता होगा। कुशल सिंह और उनके साथ आरोपी बनाए गए सभी लोग अपने विरुद्ध दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद की शरण में पहुंच चुके हैं। एक बार सुनवाई के बाद दूसरी सुनवाई की तारीख आगामी 24 अगस्त निर्धारित है। एफआईआर बीएनएस की जिन धाराओं में दर्ज हुई है, उनमें दस वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक सजा हो सकती है।इन धाराओं में आरोपी को पुलिस कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। हालांकि नोएडा पुलिस ने अभी तक अपने इस अधिकार का उपयोग नहीं किया है। एक आम धारणा यह भी है कि न्यायालय के आदेश पर दर्ज होने वाली एफआईआर पर कार्रवाई करने में पुलिस विशेष रुचि नहीं लेती है। सत्तारूढ़ पार्टी के टिकट के प्रत्याशी के विरुद्ध तो यह रुचि और भी कम हो जाती होगी।(नेक दृष्टि)
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