जनपद गौतमबुद्धनगर: *न्यायिक अधिकारियों की अपील को प्राधिकरण अधिकारियों ने विनम्रता से ठुकराया*

_-राजेश बैरागी-_

क्या ऐसा हो सकता है कि जिला जज समेत जिले के न्यायिक अधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों से कोई अपील करें और वह ठुकरा दी जाए? जनपद गौतमबुद्धनगर में यही हुआ है। दरअसल सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर अमूमन देश के सभी जिलों में ऐसे बहुत से मुकदमों को लेकर मैराथन प्रयास किए जा रहे हैं जिन्हें आपसी सहमति से निपटाया जा सकता है। सर्वोच्च न्यायालय पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आगामी 21,22 व 23 अगस्त को एक विशेष लोक अदालत आयोजित करेगा जिसमें अधिक से अधिक ऐसे मुकदमों को निपटाया जाएगा।उसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सभी जिला अदालतों को उनके जिलों से संबंधित उन मुकदमों को आपसी सहमति से निपटाने का निर्देश दिया है जो सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित चल रहे हैं। जनपद गौतमबुद्धनगर में ऐसे मुकदमों की संख्या सैकड़ों में है और इनमें से अधिकांश यहां कार्यरत चारों औद्योगिक विकास प्राधिकरणों नोएडा, ग्रेटर नोएडा,यीडा और यूपीसीडा से संबंधित हैं। इनमें भी अधिकांश मामले किसानों के मुआवजा आदि को लेकर हैं। जिला न्यायालय संबंधित प्राधिकरणों से सहमति के आधार पर इन सभी मुकदमों को निपटाने के लिए प्रयास कर रहा है। इस संबंध में अब तक प्राधिकरणों के विधि विभागों तथा उच्च अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक भी हो चुकी हैं।जिले के न्यायिक अधिकारियों ने प्राधिकरणों को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मुकदमे निपटाने के लिए सख्ती भी दिखाई परंतु वित्तीय हितों की रक्षा के लिए प्राधिकरणों ने सहमति के आधार पर समझौता करने से हाथ खड़े कर दिए। अंततः आज जिला जज के आमंत्रण पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी, यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह, नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी समेत तीनों प्राधिकरणों के शीर्ष अधिकारी जिला न्यायालय पहुंचे। उधर जिला जज के साथ दर्जन भर न्यायिक अधिकारी बैठे।लंबा वार्तालाप चला। न्यायिक अधिकारियों ने कुछ मुकदमों को सहमति से निपटाने की गुंजाइश बताई परंतु वित्तीय हितों को लेकर बात अटक गई। हालांकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी ने न्यायिक अधिकारियों के आग्रह पर किसानों के मुआवजा संबंधी विवादों पर शासन को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। बताया गया है कि इस बैठक के लिए राज्य सरकार से भी प्राधिकरणों को निर्देश मिले थे।(नेक दृष्टि)

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