
_-राजेश बैरागी-_
आगामी विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत सत्तारूढ़ पार्टी के टिकट की प्रत्याशा में दादरी सीट से आधा दर्जन से अधिक लोग मरे जा रहे हैं। साईकिल से लेकर कार रैली, नुक्कड़ सभा, गांव गांव गली गली में अपने टिकटार्थी होने के दावों के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इस बीच 3 अगस्त को दादरी में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी और क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर के अभिनंदन के लिए एक रैली या जनसभा का आयोजन किया गया। पहले यह आयोजन 1 अगस्त को होना था परंतु अंदरुनी कलह के चलते दो दिन आगे खिसक कर 3 अगस्त को हुआ। दादरी में भाजपा की यह अब तक की संभवतः सबसे बड़ी रैली थी। इसके आयोजन के पीछे कौन था? बताया गया है कि इस रैली को विफल करने के लिए भी बहुत जोर लगाये गये। रैली में संगठन और अन्य लोग शामिल तो हुए परंतु उनकी असहमति किसी से भी छिपी नहीं थी। आगामी विधानसभा चुनाव में दादरी से किसे टिकट मिलेगा? इस प्रश्न पर आज केवल कयास लगाए जा सकते हैं। वर्तमान विधायक तेजपाल सिंह नागर दो बार से निरंतर विजयी होने के कारण टिकट के दावेदारों में सबसे आगे हैं।दो महिलाएं और कुछ पुरुष भी प्रत्याशी बनने के लिए प्रयासरत हैं। प्रदर्शन के आधार पर दादरी ब्लॉक प्रमुख बिजेंद्र भाटी ने प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी की सफल रैली आयोजित कर बड़ी बढ़त बना ली है। इस रैली का आयोजन उन्होंने अकेले अपने दम पर किया था। प्रबंधन और रणनीति के लिए पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गजेन्द्र मावी ने सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भाजपा का स्थानीय संगठन और अन्य लोगों ने इस रैली के आयोजन में या तो कोई भूमिका नहीं निभाई या खलनायक की भूमिका में रहे। उन्हें अपने साथ न जोड़ पाने के लिए बिजेंद्र भाटी को नेगेटिव नंबर भी दिए जा सकते हैं परन्तु सफल रैली आयोजन के रिपोर्ट कार्ड पर दर्ज फर्स्ट डिवीजन से पास होने को कौन नकार सकता है। हालांकि चुनाव के लिए टिकट वितरण का घमासान होने में अभी लगभग छः महीने हैं।तब तक सभी टिकट प्रत्याशियों द्वारा हर स्तर पर प्रयास किए ही जाएंगे। टिकट पर अधिकार का आधार प्रदर्शन होगा या पहुंच यह तो समय बताएगा। हालांकि कुछ टिकट प्रत्याशी धनबल से भी टिकट हासिल करने के प्रति आश्वस्त बताए जा रहे हैं।(नेक दृष्टि)
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