
_-राजेश बैरागी-_
गाजियाबाद नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के निर्देश अनुसार गाजियाबाद नगर निगम स्ट्रीट डॉग्स की समस्या के समाधान को लेकर तेजी से कार्य कर रहा है जिसमें स्ट्रीट डॉग्स में रेबीज टीकाकरण तथा बध्याकरण की कार्यवाही की जा रही है इसी क्रम को आगे बढ़ते हुए गाजियाबाद नगर निगम ने स्ट्रीट डॉग्स में माइक्रोचिप लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद नगर निगम पहला नगर निगम है जिसमें स्ट्रीट डॉग्स में माइक्रोचिप लगाई जा रही है, प्रथम चरण में वसुंधरा जोन के वार्ड संख्या 100 विजयनगर जोन के वार्ड संख्या 01 के स्ट्रीट डॉग्स में माइक्रोचिप लगाने का कार्य किया जा रहा है lउल्लेखनीय है कि स्ट्रीट डॉग्स (आवारा कुत्तों) में आरएफआईडी (RFID) माइक्रोचिप मुख्य रूप से गाजियाबाद और दिल्ली जैसे शहरों में लगाई जा रही है, जबकि कानपुर और बेंगलुरु में भी इस योजना पर काम चल रहा है। शरीर पर यह चिप कुत्ते के कंधों के बीच त्वचा के ठीक नीचे (सबक्यूटेनियस टिशू) इंजेक्ट की जाती है।दिल्ली सरकार और एमसीडी (MCD) ने लगभग 10 लाख आवारा कुत्तों को स्मार्ट माइक्रोचिप लगाने की बड़ी योजना बनाई है।डॉ अनुज उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ अनुज ने बताया कि शहर के लगभग 48000 श्वानों का बंध्याकरण ओर रेबीज टीकाकरण सफलतापूर्वक किया गया है।इसी क्रम में स्ट्रीट डॉग्स में माइक्रोचिप लगाने की प्रक्रिया को भी प्रारंभ कर दिया गया है जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जा रहा है कई आरडब्ल्यूए पदाधिकारी बढ़-चढ़कर माइक्रोचिप की प्रक्रिया पूर्ण करने में सहयोग कर रहे हैं, गाजियाबाद को पूर्ण रूप से रेबीज मुक्त करने के लिए अभियान जारी है साथ में माइक्रो चिप लगाने के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है जो कि वार्ड वार चलेगा lनगर आयुक्त द्वारा बताया गया कि स्ट्रीट डॉग्स में माइक्रोचिप लगाने का कार्य अभियान के रूप में चल रहा है।गाजियाबाद नगर निगम निराश्रित श्वानों के लिए शेल्टर होम बनाने के लिए भी तीव्र गति से कार्य कर रहा है l(नेक दृष्टि)
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