
_-राजेश बैरागी-_
ऑस्ट्रेलिया के विश्वप्रसिद्ध विश्वविद्यालय वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के पहले भारतीय कैंपस का कल 8 जून को ग्रेटर नोएडा में किराया नामा का पंजीकरण होगा। इसके लिए आज दिनभर प्राधिकरण में युद्धस्तर पर तैयारियां होती रहीं।उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलिया का विश्वप्रसिद्ध विश्वविद्यालय वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी भारत में अपना पहला कैंपस ग्रेटर नोएडा में खोलने जा रहा है। अस्थाई तौर पर यह कैंपस ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्यालय भवन में खोला जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण भवन में वाणिज्यिक न्यायालय के ऊपर चार मंजिलों में 43000 वर्ग फुट स्थान फिलहाल 22 रुपए प्रति वर्ग फुट की दर से किराए पर दिया जा रहा है। प्राधिकरण के वरिष्ठ अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि किराया नामा पंजीकृत कराने के लिए यूनिवर्सिटी का एक प्रतिनिधिमंडल कल सुबह दिल्ली पहुंच रहा है। यह प्रतिनिधिमंडल दोपहर में यहां आकर प्राधिकरण के साथ किराया नामा पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके लिए आज प्राधिकरण में युद्धस्तर पर तैयारियां होती रहीं। ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में स्थित वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी विश्व के चुनिंदा विश्वविद्यालय में से एक है।इसकी पहचान विभिन्न प्रकार के शोध कार्यों के लिए है। सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि भारत से पहले इसका एक कैंपस सिंगापुर में भी है। भारत में स्थाई कैंपस बनाने के लिए वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी ने ग्रेटर नोएडा को चुना है और लगभग बीस एकड़ भूमि की मांग की है। भूमि मिलने और उसपर स्थाई कैंपस खड़ा होने तक अस्थाई कैंपस के एक प्राधिकरण भवन में स्थान दिया गया है। इस कैंपस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, सस्टेनेबल वॉटर फ्यूचर्स और एग्रीकल्चर जैसे भविष्य-उन्मुख पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे। इससे भारतीय छात्रों की विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के लिए लगने वाली दौड़ भी कम होगी। आगामी नवंबर तक इस कैंपस के शुरू होने की आशा है।(नेक दृष्टि)(ऐसे ही अन्य समाचारों आलेख के लिए हमारी वेबसाइट www.nejdristi.com देखें)
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