ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर पत्थर गिराने की घटना: *एनसीआर की सड़कों पर मेवात क्षेत्र के डंफर ट्रकों का आतंक, पुलिस नहीं करती कार्रवाई

राजेश बैरागी-_ दो दिन पहले पकड़ से बचने के लिए हाइड्रोलिक ट्रॉली उठाकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर पत्थर गिराने वाला डंफर ट्रक कहां का था? मुझे भरोसा है कि यह डंफर ट्रक हरियाणा और राजस्थान के चार जनपदों में फैले मेवात क्षेत्र का होगा। हरियाणा के नूंह और पलवल तथा राजस्थान के अलवर व भरतपुर जिलों में मेवात मुस्लिम बहुल क्षेत्र को कहा जाता है। ऐतिहासिक काल में हिंदू धर्म छोड़कर मुसलमान बने यहां के लोगों को मेव कहा जाता है और उनकी बहुलता के कारण इस क्षेत्र को मेवात कहते हैं। इनमें से बहुत से लोग ट्रक डंफर से समूचे एनसीआर में भवन निर्माण सामग्री ढोने का काम करते हैं। ओवरलोडेड वाहनों को यातायात नियमों को धता बताते हुए अनियंत्रित तरीके से चलाने के कारण सड़कों पर इनका आतंक रहता है। किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए अंधाधुंध तरीके से वाहन दौड़ाने के अलावा ये लोग पुलिस प्रशासन और आम नागरिकों की गाड़ियों में टक्कर मारने से भी परहेज़ नहीं करते हैं। एक बार वारदात करने के बाद कई महीनों तक इधर का रुख न करने के नियम का पालन पूरी सतर्कता से किया जाता है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर पत्थर गिराकर पकड़ से बचना सोची समझी रणनीति का ही हिस्सा है। एक बार मेवात में पहुंचने के बाद किसी भी राज्य की पुलिस का वहां तक पहुंचना नामुमकिन जैसा होता है। मेवात क्षेत्र के सड़कों पर दौड़ते डंफर ट्रक को उनके आरटीओ नंबर से पहचानना बेहद आसान है। हरियाणा के नूंह जनपद का आरटीओ नंबर एच आर 74, पलवल का एच आर 30, राजस्थान के अलवर का आर जे 02 और भरतपुर का आरजे 05 है।इन्हें दिमाग में रखने से राहगीरों को इनकी चपेट में आने से तो संभवतः कुछ सफलता मिल सकती है परंतु वारदात होने पर पुलिस से किसी कार्रवाई की उम्मीद कम ही रहती है।लगभग डेढ़ वर्ष पहले ग्रेटर नोएडा के कासना कस्बे में सूरजपुर सिरसा मुख्य मार्ग पर एक डंफर ने बराबर में चल रही एक कार में साइड मार दी।कार चालक ने तेजी से कार चलाकर उसे आगे से घेरने का प्रयास किया तो उसने दोबारा उसे टक्कर मार दी।इस बार उसका इरादा खतरनाक भी था।वह भाग निकला।कार चालक ने उसका पीछा करते हुए 112 और पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन किया।जब तक फोन सुने गए और उनपर कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ, डंफर ईस्टर्न पेरिफेरल पर चढ़कर आंखों से ओझल हो चुका था। कहानी केवल इतनी ही नहीं है।कार चालक कासना थाना पहुंचा तो उसे घटनास्थल की एक्यूरेसी को लेकर उलझाया गया। यह तय होने पर और जो पहले से ही तय था भी,थाना प्रभारी और दिवस अधिकारी दरोगा ने कार चालक की एफआईआर दर्ज नहीं की।कार चालक ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए थोड़ी जोर आजमाईश की तो उसे कहा गया कि उसकी कार भी जब्त की जाएगी। हालांकि दरोगा ने बताया कि मेवात से आने वाले ट्रक और डंफर सड़कों पर छुट्टे सांड की भांति चलते हैं और रोकने पर सीधे टक्कर भी मार देते हैं। इन्हें पकड़ा क्यों नहीं जाता? यदि एफआईआर ही दर्ज नहीं की जाएगी तो पकड़ा ही क्यों जाएगा?(नेक दृष्टि)(ऐसे ही अन्य समाचारों आलेख के लिए हमारी वेबसाइट www.nekdristi.com देखें)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *