राजेश बैरागी।जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह की मानें तो नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन आगामी 28 या 29 मार्च को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के द्वारा किया जा सकता है।29 मार्च को समाजवादी पार्टी दादरी (गौतमबुद्धनगर) में पीडीए रैली के जरिए आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इसके लिए रैली संयोजक और पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी दिन रात पश्चिमी उत्तर के गुर्जर बहुल क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। यदि उसी दिन हवाई अड्डे का उद्घाटन भी होता है तो समाजवादी पार्टी की दादरी रैली की क्या स्थिति बनेगी? एक प्रश्न यह भी है कि समाजवादी पार्टी की रैली के चलते क्या हवाई अड्डे का उद्घाटन कार्यक्रम फीका पड़ सकता है?
दरअसल इस उलझे हुए समीकरण को समाजवादी पार्टी से ही जुड़ी एक पुरानी घटना से समझने का प्रयास करते हैं। मुलायम सिंह यादव ने 11 सितंबर 2001 को बहुत सोच-समझकर अपने सभी विधायकों का विधानसभा से इस्तीफा दिलवाने का निर्णय लिया। घोषणा के अनुसार सभी विधायकों ने निर्धारित तिथि और समय पर सामूहिक त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंप भी दिए। परंतु उससे ठीक पहले अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की 110 मंजिला इमारतों को अल कायदा के आत्मघाती हमलावरों ने चार विमान टकराकर जमींदोज कर दिया। उसमें ढाई हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई। इस वैश्विक आतंकी घटना के सामने समाजवादी पार्टी के विधायकों के इस्तीफे की घटना बेअसर साबित हुई। आगामी 29 मार्च को एक ही दिन एक ही जिले गौतमबुद्धनगर में बहुप्रतीक्षित और अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजना नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भव्य उद्घाटन और समाजवादी पार्टी की विशाल रैली में कौन अव्वल रहेगा? हालांकि राजनीतिक दल की रैली और किसी बड़ी परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम में कोई समानता या प्रतियोगिता नहीं मानी जानी चाहिए परंतु उद्घाटन कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री द्वारा एक विशाल सभा को संबोधित किया जाना भी प्रस्तावित है। निस्संदेह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हवाई अड्डे के उद्घाटन से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के विकास के दावे को प्रमाणित करने के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा के अगले वर्ष होने वाले चुनाव अभियान की अनौपचारिक शुरुआत कर सकते हैं। यही समाजवादी पार्टी की दादरी रैली का उद्देश्य है।वह भाजपा सरकार की नाकामियों और विकास के दावों की हवा निकालने का प्रयास करेगी। दोनों कार्यक्रमों के आयोजकों के समक्ष अधिक से अधिक भीड़ इकट्ठा करने की चुनौती होगी। हवाई अड्डे के उद्घाटन के लिए भीड़ खुद ब खुद जुटेगी। इस क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा और इसका साक्षी बनने के लिए वह लोग भी स्वयं को नहीं रोक पाएंगे जो समाजवादी पार्टी की रैली में आमंत्रित होंगे। क्या भाजपा और उसकी सरकार हवाई अड्डे के उद्घाटन के बहाने से समाजवादी पार्टी के चुनावी अभियान की बोहनी खराब करने की तैयारी कर रही है! समाजवादी पार्टी के लोगों का ऐसा ही मानना है। दोनों ही कार्यक्रमों में मसला भीड़ बंटने से रोकने का है। कौन कितना कामयाब होगा,यह तो 29 मार्च को पता चलेगा यदि उस दिन दोनों ही कार्यक्रम आयोजित होते हैं परंतु हवाई अड्डे के उद्घाटन के समक्ष समाजवादी पार्टी की रैली की सफलता को लेकर 11 सितंबर 2011 की घटना को दोहराने का खतरा तो है ही।
क्या खूब जमेगा रंग:समाजवादी पार्टी की दादरी में पीडीए रैली के बरअक्स जेवर में हवाई अड्डे का उद्घाटन 29 मार्च को!











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