राजेश बैरागी।ठीक दो महीने पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा जोर शोर से दादरी बाईपास पर ढहाया गया अवैध औद्योगिक पार्क (दिल्ली एनसीआर इंडस्ट्रीयल पार्क) एक बार फिर पूरे दमखम से उठ खड़ा हुआ है। प्राधिकरण के समानांतर एक उद्योगपति और भूमाफियाओं के इस संयुक्त उपक्रम को कौन संरक्षण दे रहा है? क्षेत्र में चर्चा है कि प्राधिकरण का इंजीनियरिंग विभाग और एक क्षेत्रीय भाजपा नेता का पर्दे के पीछे से इस अवैध निर्माण को आशीर्वाद प्राप्त है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के घोषित फेज दो स्थित दादरी बाईपास पर गांव चिटेहरा के खेतों में अवैध रूप से एक विशाल औद्योगिक पार्क बसाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक उद्योगपति और भूमाफिया मिलकर इस औद्योगिक पार्क को विकसित कर रहे हैं जिसमें फैक्ट्री व वेयर हाउस के भूखंड बेचे जा रहे हैं। इसमें सरकारी भूमि भी शामिल बताई जाती है। सोशल मीडिया तथा फोन कॉल्स के जरिए ग्राहकों को आकर्षित और आमंत्रित किया जाता है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने गत 20 जून को दल-बल सहित जाकर यहां निर्मित और निर्माणाधीन बाउंड्री वॉल,शेड, ऑफिस आदि को ध्वस्त कर दिया था।तब प्राधिकरण द्वारा जारी प्रेस नोट में पचास हजार वर्गमीटर भूमि पर से अवैध कब्जा हटाने का दावा किया गया था। अब यहां पहले से भी तेज गति से निर्माण हो रहा है। बाकायदा बिजली की लाइन, पक्के रास्ते आदि इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। जोर-शोर से फिर से चल रहे निर्माण कार्य के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियरिंग विभाग पर मोटी धनराशि लेने की चर्चा क्षेत्र में सबकी जुबान पर है। एक क्षेत्रीय भाजपा नेता का भी संरक्षण बताया जा रहा है। उसके द्वारा प्राधिकरण के इंजीनियरिंग विभाग को अपने प्रभाव से भूमाफियाओं के साथ मेल मिलाप कराये जाने की भी चर्चा है। हालांकि यह प्रकरण संज्ञान में आने पर प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी द्वारा महाप्रबंधक सिविल को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। सीईओ ने अवैध निर्माण कराने में लिप्त अभियंताओं के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।(
फिर उठ खड़ा हुआ चिटेहरा दादरी बाईपास पर अवैध औद्योगिक पार्क









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