मुख्यमंत्री का नोएडा आगमन:जिला और महानगर अध्यक्षों ने प्रतिनिधिमंडल संग की मुलाकात परंतु युवराज मौत मामले में नहीं की कोई बात

राजेश बैरागी।ठीक पच्चीस दिन पहले नोएडा सेक्टर 150 के एक भूखंड में भरे पानी में डूबने से हुई इंजीनियर युवराज की मौत मामले में गठित एसआईटी और उसकी रिपोर्ट कहां है? आज गुरुवार को उत्तर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा में आए थे। युवराज की मौत के बाद उनका नोएडा का यह पहला दौरा था। हालांकि उनका यह आगमन एक निजी मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने से संबंधित था परंतु इस अवसर पर भी एक कर्तव्यनिष्ठ राजनेता के तौर पर उन्होंने न केवल जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की बल्कि भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। नोएडा महानगर भाजपा अध्यक्ष महेश चौहान और जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में कुछ बूथ अध्यक्ष और कुछ शक्ति केंद्र संयोजक शामिल थे। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से क्या बातें की होंगी?सुधी पाठकों को कयास लगाने की आवश्यकता नहीं है। सत्तारूढ़ दल भाजपा के दोनों अध्यक्षों और उनके नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने युवा इंजीनियर युवराज की तंत्र की नाकामी और लापरवाही से हुई मौत को लेकर कोई बात नहीं की।न उन्होंने मुख्यमंत्री से एसआईटी की रिपोर्ट के बाबत बात की और न भविष्य में इस औद्योगिक जनपद में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए चर्चा की। क्या सत्तारूढ़ पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों को इस ज्वलंत घटना का स्मरण नहीं रहा होगा? या उन्हें ऐसी घटनाओं को लेकर सत्तारूढ़ दल के दायित्वों का बोध नहीं होगा?ऐसा हो सकता है परंतु ऐसा होना नहीं चाहिए। महानगर अध्यक्ष महेश चौहान द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि “आज दिनांक 12-2-2026 को उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नोएडा आगमन के अवसर पर भाजपा नोएडा महानगर के जिला अध्यक्ष श्री महेश चौहान व अभिषेक शर्मा जिला अध्यक्ष गौतम बुद्ध नगर जी के नेतृत्व में कुछ बूथ अध्यक्षों एवं शक्ति केंद्र संयोजकों को मुख्यमंत्री जी से भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। जिला अध्यक्ष श्री महेश चौहान के इस अभिनव प्रयोग से कार्यकर्ताओं में अभूतपूर्व उत्साह एवं ऊर्जा का संचार देखने को मिला।” क्या यह अभिनव प्रयोग युवा इंजीनियर युवराज की असमय मौत के कारण और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा करने के लिए नहीं किया जा सकता था?

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