राजेश बैरागी।ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व कार्यालय चितवन एस्टेट सेक्टर गामा में चल रहा उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण अपनी रहस्यमयी गोपनीयता को लेकर आजकल चर्चा में है। यहां आने वाले आगंतुकों को कार्यालय में नियुक्त कर्मचारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं होते। एक कर्मचारी ने तो बहुत पूछने पर भी अपना नाम बताना गवारा नहीं किया।
9 वर्ष पहले 1मई 2016 को राष्ट्रीय स्तर पर लागू हुए भूसंपदा विनियामक अधिनियम (रेरा) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में लखनऊ तथा ग्रेटर नोएडा में रेरा कार्यालयों की स्थापना की गई। ग्रेटर नोएडा में यह सेक्टर गामा -2 के चितवन एस्टेट में स्थापित किया गया। दरअसल चितवन एस्टेट पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का वर्षों तक अस्थाई मुख्यालय रहा था।अब यहां रेरा,अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति(जेवर हवाई अड्डा)तथा उप निबंधक कार्यालय संचालित होते हैं। यूं तो ग्रेटर नोएडा स्थित रेरा कार्यालय क्षेत्रीय कार्यालय है परंतु नोएडा ग्रेटर नोएडा यमुना प्राधिकरणों में डिफाल्टर बिल्डरों की भरमार के चलते यह कार्यालय लखनऊ स्थित रेरा मुख्यालय पर सवाया बैठता है। अक्सर यहां रेरा अध्यक्ष, सचिव आदि शीर्ष पदाधिकारी आते हैं। यहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी प्राधिकरणों से संबंधित बिल्डर विवादों की शिकायत तथा सुनवाई होती है। यहां बाकायदा रेरा कोर्ट चलती हैं और कार्यालय में आवश्यक कर्मचारी अधिकारी काम करते हैं। इतना सब होने के बावजूद इस कार्यालय में रहस्यमयी गोपनीयता बरती जाती है। किसी भी कर्मचारी से कोई जानकारी मांगने पर वह किसी अन्य व्यक्ति के पास भेजने लगता है। यहां पदाधिकारियों के आगमन और मिलने के बारे में जानकारी हासिल करना आसान नहीं है।दो दिन पहले एक डाक प्राप्त करने वाला कर्मचारी अपना नाम बताने को तैयार नहीं हुआ। बार-बार पूछने पर उसने कहा कि नाम बताने की अनुमति नहीं है
रेरा का रहस्यमयी कार्यालय











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