राजेश बैरागी।बसपा सपा शासनकाल में प्राधिकरणों की संपत्तियों को लूटने की मची होड़ में नोएडा के सेक्टर 150 की स्पोर्ट्स सिटी की कहानी और भी अद्भुत है। यहां तीन सौ एकड़ भूमि आवंटित कराने वाले लोटस ग्रीन बिल्डर ने दर्जनों शेल कंपनियां बनाकर न केवल भूमि को खंड खंड कर दिया बल्कि प्राधिकरण का बकाया चुकाने के लिए भूमि को गिरवी रखकर लिए गए साढ़े चार सौ करोड़ रुपए के कर्ज को भी डकार गया। इस घोटाले में बिल्डर के साथ शामिल रहे अपने अधिकारियों पर नोएडा प्राधिकरण जहां कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है वहीं लोटस ग्रीन को आवंटित भूमि को कर्ज लेने के लिए गिरवी रखने की अनुमति भी रद्द करने पर विचार किया जा रहा है।
2014 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और प्राधिकरणों की संपत्तियों को आंख मूंदकर लुटाया जा रहा था।ऐसी ही एक लूट नोएडा के सेक्टर 150 में हुई जहां लोटस ग्रीन बिल्डर को बिना उसकी हैसियत का आकलन किए तीन सौ एकड़ भूमि आवंटित कर दी गई। इस भूमि पर स्पोर्ट्स सिटी विकसित की जानी थी। परंतु बिल्डर का यह उद्देश्य कभी नहीं था। उसने नोएडा प्राधिकरण से भूमि को गिरवी रखने की अनुमति प्राप्त की और बाहरी वित्तीय स्रोतों से नोएडा प्राधिकरण का बकाया चुकाने के नाम पर साढ़े चार सौ करोड़ रुपए का कर्ज हासिल कर लिया। नियमानुसार यह कर्ज एक एस्क्रो अकाउंट में जमा होना था परंतु नासा और इसरो के वैज्ञानिक सेटेलाइट से ढूंढ रहे हैं कि आखिर यह पैसा गया कहां। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने बिल्डर को फ्रॉड करार दिया परंतु बिल्डर अपनी ही शेल कंपनियां बनाकर इस भूमि के खंड खंड करने में कामयाब रहा। नोएडा प्राधिकरण अब इस मामले में बिल्डर और अपने अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को तैयार हुआ है। सूत्रों के अनुसार अपर मुख्य सचिव व प्राधिकरण अध्यक्ष दीपक कुमार ने प्राधिकरण के उन अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय व कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं जो इस लूट और धोखाधड़ी में शामिल रहे हैं
लोटस ग्रीन बिल्डर और नोएडा प्राधिकरण अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की तैयारी









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