अथ कैलेंडर कथा: कौन कौन है दूषित यहां?

राजेश बैरागी।क्या नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के इस वर्ष के पंचांग (कैलेंडर) पर छपे चित्र की तुलना उस ऐतिहासिक घटना से की गई जिसमें रोम जल रहा था और उसका भाग्य विधाता नीरो बंसी बजा रहा था? पिछले तीन महीने से खतरनाक वायु प्रदूषण और इंदौर दूषित जल कांड के बाद पेयजल की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नोएडा जैसे प्राधिकरण के मुखिया का मस्त होकर गिटार बजाते हुए दिखाई देना किसी भी सभ्य समाज को आंदोलित कर सकता है। क्या नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ लोकेश एम वास्तव में गिटार बजाने का शौक रखते हैं? इस संबंध में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। गिटार या कोई वाद्ययंत्र बजाना नितांत स्वरुचि का मामला है और यह किसी भी व्यक्ति के दयालु और शांत प्रकृति के होने का परिचायक भी है। एक संस्थान के मुखिया का उस संस्थान के वार्षिक कैलेंडर पर चित्र प्रकाशित होना न तो कोई अपराध है और न किसी भी दृष्टि से गलत ही है। यह संस्थान के अन्य सेवकों के लिए प्रेरणादायक हो सकता है। हालांकि अच्छा होता कि इस कैलेंडर को नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की इस वर्ष के लिए तय की गई प्राथमिकताओं के चित्रों से सजाया जाता। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण(यीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने इस मामले में बेहद संजीदगी का परिचय दिया है। उन्होंने इस वर्ष के कैलेंडर को स्वयं रुचि लेकर तैयार कराया जिसके प्रत्येक पृष्ठ पर यीडा की इस वर्ष हासिल की जाने वाली योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। तो भी एक कैलेंडर पर एक खास मुद्रा में संस्थान के मुखिया के चित्र का छपना उतना बड़ा मामला नहीं है। यह एक साधारण सी बात थी जो सोशल मीडिया के दुरुपयोग से विकृत कर दी गई। दरअसल यह नोएडा प्राधिकरण और एन एम आर सी जैसे संस्थानों के अंत:पुर में चलने वाली राजनीति का मामला ही अधिक लगता है। सूत्रों की मानें तो आईएएस महेंद्र प्रसाद जो नोएडा प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी होने के साथ एन एम आर सी के कार्यकारी निदेशक भी थे, से इन दोनों संस्थानों के बहुत से लोग खुश नहीं थे। उनपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी को अपने संकेतों पर चलाने की चर्चाएं प्राधिकरण और एन एम आर सी की फिजाओं में तैरती रहती थीं। कैलेंडर पर सीईओ के गिटार बजाता चित्र छापना भी इसी प्रकार की हरकत माना गया। यह अवसर तलाश रहे लोगों को अंधे के हाथों बटेर लगने जैसा साबित हुआ। नतीजा सामने है। आईएएस महेंद्र प्रसाद दोनों संस्थानों के पदों से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिए गए और मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ लोकेश एम को भविष्य के लिए कड़ा संदेश दे दिया गया

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