राजेश बैरागी।ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भविष्य की आवश्यकताओं के दृष्टिगत एक कॉर्पस फंड (प्रबंधनाधीन कोष) की स्थापना करने जा रहा है।यह कोष प्राधिकरण को विभिन्न स्रोतों से प्राप्त होने वाली धनराशि से इकट्ठा किया जाएगा और इसका इस्तेमाल बोर्ड से अनुमति लेकर मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा नागरिक सुविधाओं को निरंतर बनाए रखने के लिए ही किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की आज शनिवार को हुई 141वीं बोर्ड बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी द्वारा पेश प्रस्तावों में 2041 के लिए प्रस्तावित मास्टर प्लान में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब को डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर रेलवे लाइन तथा नोएडा ग्रेटर नोएडा मेट्रो लाइन से जोड़ने जैसा महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा सेक्टर ओमिक्रोन-1 में प्राधिकरण द्वारा बनाए गए अवशेष फ्लैटों को नीलामी के माध्यम से बेचने, ऐसे बिल्डरों जिन्होंने अब तक न तो बायर्स के नाम रजिस्ट्री शुरू की है और न ही प्राधिकरण का बकाया धनराशि जमा की है उनको अब और वक्त नहीं देने का भी निर्णय लिया। बोर्ड ने ऐसे बिल्डरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ऐसे एक दर्जन बिल्डर हैं, जिनमें एवीजे डेवलपर्स सेक्टर बीटा टू, एमएसएक्स रियलटेक सेक्टर अल्फा वन, ज्योतिर्मय इंफ्राकॉन सेक्टर-16सी, अंतरिक्ष इंजीनियरिंग सेक्टर-1, एलिगेंट इंफ्राकॉन सेक्टर टेकजोन-4 आदि शामिल हैं। हालांकि बोर्ड ने बिल्डरों पर कार्रवाई के दौरान खरीदारों के हित को ध्यान में रखने के निर्देश दिए। बोर्ड ने हाउसिंग सोसायटियों में फ्लैटों पर काबिज ऐसे लोगों के पक्ष में लीज डीड करने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया जो मूल आवंटी न होकर जीपीए आधारित खरीदार हैं।बोर्ड बैठक की अध्यक्षता आईडीसी तथा नोएडा ग्रेटर नोएडा के अध्यक्ष दीपक कुमार ने की।बैठक में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार के अलावा एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ सुनील कुमार सिंह, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ प्रेरणा सिंह, एसीईओ सुमित यादव, यीडा के एसीईओ नागेन्द्र प्रताप, नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक वित्त स्वतंत्र गुप्ता, ओएसडी गुंजा सिंह, प्रधान महाप्रबंधक संदीप चंद्रा आदि अधिकारीगण मौजूद रहे
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड का अहम् फैसला:कॉर्पस फंड से होगा भविष्य में नागरिक सुविधाओं का रखरखाव









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