राजेश बैरागी।ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने क्षेत्र में सुरसा के मुंह की भांति बढ़ते जा रहे अतिक्रमण की रोकथाम के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मदद लेने का फैसला किया है। हालांकि आज ही प्राधिकरण के अर्बन सर्विसेज विभाग ने सेक्टर अल्फा सेकेंड में इसरो की मदद के बगैर ही अतिक्रमण का सबब बने अवैध रूप से लग रहे ढाई दर्जन खोखे जब्त कर लिए।
अपने अधिसूचित और अधिग्रहीत क्षेत्र में दिन रात हो रहे अवैध निर्माण तथा अतिक्रमण से परेशान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के साथ मिलकर एआई आधारित अतिक्रमण मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करेगा। प्राधिकरण के प्रैस नोट में यह प्रोद्योगिकी अपनाने वाला ग्रेटर नोएडा पहला प्राधिकरण होने का दावा किया गया है। इससे अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति जानने के साथ साथ प्राधिकरण भूमि उपलब्धता तथा भूमि प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी कर पाएगा। दावा किया गया है कि शीघ्र ही इसरो के साथ एम ओ यू हस्ताक्षर होने पर परीक्षण के तौर पर प्राधिकरण क्षेत्र के पहले फेज का डाटा आगामी दो महीने में तैयार कर लिया जाएगा जबकि मार्च 26 तक सम्पूर्ण तंत्र विकसित हो जाएगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी रवि कुमार एनजी की पहल पर विकसित किए जा रहे एआई बेस्ड एनक्रोचमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम का नेतृत्व एसीईओ सुमित यादव को सौंपा गया है।
प्रोद्योगिकी के माध्यम से अतिक्रमण पर नियंत्रण की तैयारी कर रहे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अर्बन सर्विसेज विभाग की टीम ने आज इसरो की मदद मिलने से पहले ही सबसे व्यस्त सेक्टर अल्फा सेकेंड में सैकड़ों की संख्या में स्थाई तौर पर लगने वाले खोखों में से एक अभियान चलाकर लगभग ढाई दर्जन खोखे जब्त कर लिए। इस सेक्टर में अवैध रूप से खोखे लगवाना भी एक बड़ा धंधा बन चुका है। इस धंधे में आरडब्ल्यूए, स्ट्रीट माफिया और प्राधिकरण के लोग भी शामिल हैं। लाखों रुपए महीने के इस धंधे को लेकर तीनों पक्षों के बीच आंतरिक संघर्ष भी खूब चलता है। जिस पक्ष को धंधे में हिस्सा नहीं मिलता, वह पक्ष अतिक्रमण होने को लेकर शोर मचाने लगता है। इस प्रकार के अतिक्रमण को हटाने में इसरो का सहयोग कितना कारगर होगा, भविष्य में यह जानना भी दिलचस्प हो सकता है।
ग्रेटर नोएडा: अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए इसरो की शरण में प्राधिकरण









Leave a Reply