अगले दो वर्ष में जीडीए के खाते में होंगे चार हजार करोड़ रुपए, तेजी से बढ़ेंगी परियोजनाएं: उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल

राजेश बैरागी।क्या कभी हरियाणा सरकार के बजट से बड़ा बजट (वर्ष 1992-93) रखने वाला गाजियाबाद विकास प्राधिकरण एक बार फिर अपनी पुरानी आर्थिक स्थिति को हासिल कर पायेगा?पूर्व उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में घाटे से उबारकर प्राधिकरण के कोष में तेरह सौ करोड़ रुपए जमा कराए।अब वर्तमान उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल भी विभिन्न योजनाओं परियोजनाओं को साकार करने के साथ अगले दो वर्ष में जीडीए कोष को चार हजार करोड़ी बनाने का लक्ष्य तय कर रहे हैं।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण का गौरवशाली इतिहास रहा है। कभी पश्चिम से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक जीडीए की ही तूती बोलती थी। राजनगर, कविनगर, शास्त्री नगर जैसी पॉश कॉलोनियों को विकसित करने वाले जीडीए ने दिल्ली के बरअक्स गाजियाबाद जैसे कस्बा नुमा शहर को खड़ा कर दिया था। सत्तर से नब्बे के दशक तक जीडीए ने विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किये।उसी दौरान कुछ अधिकारियों ने जीडीए को दोनों हाथों से लूटना शुरू किया।1992 में इंदिरापुरम में जीडीए की बनाई चार मंजिला फ्लैटों की इमारत भरभराकर गिर गई।उसी वर्ष जीडीए के बजट का साइज़ हरियाणा राज्य के बजट से बड़ा था। वहीं से जीडीए के पतन की शुरुआत हुई।दो बरस पहले तक गाजियाबाद विकास प्राधिकरण अपने कर्मचारियों को वेतन देने में भी असमर्थ हो गया था। मार्च 2024 में उपाध्यक्ष बनकर आए आईएएस अतुल वत्स ने सर्वप्रथम जीडीए की आर्थिक सेहत को सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया। निष्प्रयोज्य संपत्तियों की बिक्री व प्राधिकरण के बकाये की उगाही से डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में श्री वत्स जीडीए को स्वावलंबी बनाने के साथ खजाने में तेरह सौ करोड़ रुपए जमा करने में भी सफल रहे।हाल ही में उपाध्यक्ष नियुक्त हुए नंदकिशोर कलाल भी युवा आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने भी प्राधिकरण के खजाने को अगले दो वर्षों में चार हजार करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही वे महत्वाकांक्षी आवासीय परियोजना हरनंदीपुरम को तेजी से आगे बढ़ाने, शहर को तेज और तकनीकी दृष्टि से दुरुस्त सड़कें उपलब्ध कराने के प्रयासों में जुट गए हैं। लगभग पांच सौ हेक्टेयर भूमि पर विकसित होने वाली हरनंदीपुरम परियोजना के पहले चरण को 100 हेक्टेयर भूमि पर शीघ्र शुरू किया जाएगा। एक विशेष भेंट में श्री नंदकिशोर कलाल ने बताया कि हरनंदीपुरम तथा रुकी हुई सड़कों को पूरा करने के लिए किसानों से सहमति के आधार पर भूमि प्राप्त की जा रही है।शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले जीटी रोड को निर्बाध बनाने के लिए जिला एम एम जी अस्पताल से लालकुआं तक जगह जगह फ्लाईओवर बनाने पर विचार किया जा रहा है।शहर की अन्य पांच प्रमुख सड़कों को भी निर्बाध करने के लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) से सुझाव मांगे गए हैं। श्री कलाल ने कहा कि शहर और प्राधिकरण की भलाई ही उनका एकमात्र लक्ष्य है

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