राजेश बैरागी।पिछले 15 वर्षों से चल रही लगभग एक हजार करोड़ रुपए की गंगाजल परियोजना क्या प्राधिकरण की सतत् निगरानी और आवश्यक देखभाल के अभाव में अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है? इसका मौजूदा प्रमाण यह है कि ग्रेटर नोएडा शहर को पिछले दो महीने से गंगाजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
ग्रेटर नोएडा शहर में पिछले लगभग दो महीने से गंगाजल की आपूर्ति बंद है। पहले दशहरे से दीपावली तक हरिद्वार में गंगनहर की वार्षिक सफाई के लिए गंगाजल की आपूर्ति बंद रही थी। उसके बाद हरिद्वार से गंगनहर में पानी छोड़े जाने के एक महीने बाद भी ग्रेटर नोएडा में गंगाजल आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। इसका कारण देहरा (हापुड़) स्थित गंगनहर से ग्रेटर नोएडा तक प्राधिकरण द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन में चार स्थानों पर रिसाव बताया जा रहा है। पिछले एक महीने से इन रिसावों को दुरुस्त कराया जा रहा है। गंगाजल परियोजना के वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा ने बताया है कि संभवतः अगले सप्ताह से शहर में गंगाजल आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि ग्रेटर नोएडा शहर को गंगाजल आपूर्ति के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा अगस्त 2010 में गंगाजल परियोजना शुरू की गई थी।953.62 करोड़ की इस परियोजना का ठेका उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम को दिया गया था। इस परियोजना पर अब तक 844.36 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 25 भूमिगत जलाशय बनाए जाने थे परन्तु भूमि विवादों के चलते केवल 20 जलाशय ही अभी तक बनकर तैयार हुए हैं। गंगाजल आपूर्ति के लिए 186 किलोमीटर की पाइपलाइन बिछाई गई है। अभी ग्रेटर नोएडा शहर के पूर्वी हिस्से में 48 सेक्टरों में गंगाजल आपूर्ति की जा रही है। ग्रेटर नोएडा पश्चिम के लिए बिछाई गई 29 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन को पिछले दो वर्षों में सफाई कराने का काम युद्धस्तर पर चला था परंतु अभी तक इस पाइपलाइन से ग्रेटर नोएडा पश्चिम के किसी सेक्टर या आवासीय सोसायटी को गंगाजल आपूर्ति नहीं की जा रही है।तीन वर्ष पहले 1नवंबर 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राधिकरण मुख्यालय के सामने इस परियोजना का लोकार्पण किया था। परंतु 15 वर्षों के बाद भी यह परियोजना एक समुचित तंत्र के अभाव में अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई है।(
ग्रेटर नोएडा: एक हजार करोड़ रुपए की गंगाजल परियोजना अभी भी लक्ष्य से दूर,दो महीने से नहीं मिल पा रहा गंगाजल









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