राजेश बैरागी।सुनने में आया है कि नोएडा प्राधिकरण की गेझा गांव में अर्जित हजारों वर्गमीटर भूमि पर लोगों ने सैकड़ों दुकानों की मार्केट खड़ी कर रखी है।इन दुकानों के अवैध मालिकों को प्राधिकरण के संबंधित वर्क सर्किल ने धारा 10 के थोक में नोटिस जारी किए। इससे दुकानों के अवैध मालिकों में हड़कंप मचा। लाखों रुपए महीने की मासिक आमदनी छिनने का भय हड़कंप पैदा कर ही देता है।ऐसी सूचनाएं हवा में फैलने लगीं कि प्राधिकरण का अवैध कब्जा हटाने वाला दस्ता कभी भी बुलडोजर लेकर हाजिर हो सकता है। जितनी तेजी से यह सूचना फैली, उतनी ही तेजी से बुलडोजर कार्रवाई रोकने के प्रयास शुरू हुए। अवैध कब्जाधारकों ने अपने अपने सूत्रों से प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों से संपर्क स्थापित करना शुरू किया। सूचना फैलाई ही इसलिए गयी थी। दोनों पक्ष मिले। सद्भावनापूर्ण माहौल में एक दूसरे की इच्छा पूर्ति का वचन लिया और दिया गया। सूत्र बता रहे हैं कि मात्र एक करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ। इस सारी गॉशिप में मैं यह बताना तो भूल ही गया कि जीरो टॉलरेंस वाली सरकार की सत्तारूढ़ पार्टी के एक जनप्रतिनिधि के प्रतिनिधि ने इस समझौता वार्ता आयोजित कराने में बड़ी भूमिका निभाई। इस संबंध में संबंधित वर्क सर्किल के प्रभारी वरिष्ठ प्रबंधक श्री सतेंद्र गिरी ने फोन और व्हाट्स एप मैसेज का जवाब देना उचित नहीं समझा।अगली पोस्ट ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की








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