राजेश बैरागी।शिखर पर चमकते कंगूरों को देखकर कौन अनुमान लगा सकता है कि जिस विशाल भवन के शिखर पर ये कंगूरे चमक रहे हैं, उसकी नींव में कितने लोगों की जीवन भर की कमाई और सपने दफन हैं।ग्रेटर नोएडा सेक्टर -4 स्थित गौड़ सिटी के सिटी प्लाजा में एक अदद दुकान खरीदने के लिए दो पार्टनर महिलाओं को तैंतीस लाख रुपए से अधिक भुगतान करने के बावजूद गौर संस बिल्डर ने छः वर्ष बाद भी न तो रजिस्ट्री की है और न दुकान ही उपलब्ध कराई है।विवश होकर दोनों महिलाओं ने अदालत का दरवाजा खटखटाकर बिल्डर के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगाई है।
गौतमबुद्धनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के न्यायालय में प्राची शर्मा पत्नी सौरभ दीक्षित ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(4) के अंतर्गत प्रार्थना पत्र देकर गौड़ संस हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सार्थक गौड़ व मनोज गौड़ तथा कंपनी सचिव श्रीमती अंजली वर्मा के विरुद्ध धोखाधड़ी तथा कूटरचित दस्तावेज बनाकर देने के आरोप में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगाई है। प्रार्थना पत्र के अनुसार प्राची तथा उनकी सहयोगी अनीता गौड़ ने गौड़ सिटी स्थित भूखंड संख्या टी एफ -390 पर निर्मित यूनिट संख्या टी एफ -312 को खरीदने की बाबत ₹33,33,226/- में सौदा किया। यह धनराशि सितंबर 2019 में बाकायदा बैंक के माध्यम से भुगतान कर दी गई। दुकान की रजिस्ट्री कराने के लिए 21 सितंबर 2019 को ₹156000/- भी बिल्डर के यहां चैक के द्वारा जमा करा दिए गए।इस सब के बावजूद बिल्डर द्वारा उक्त दुकान की रजिस्ट्री नहीं कराई गई जबकि आवंटन पत्र आदि जारी किए गए थे। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत याचिका में कहा गया है कि इस संबंध में शिकायत किए जाने के बावजूद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की
गौड़ सिटी बिल्डर पर धोखाधड़ी करने का आरोप, न्यायालय से एफआईआर दर्ज कराने की गुहार









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