नोएडा सेक्टर 11 स्थित मेट्रो हॉस्पिटल:अवैध पार्किंग, अवैध विस्तार और अवैध निर्माण है यहां

राजेश बैरागी।नोएडा शहर के सबसे व्यस्ततम फेज वन के सेक्टर 11 में स्थित मेट्रो हॉस्पिटल सुरसा के मुंह की भांति बढ़ता ही जा रहा है। अपने साथ के मकानों को खरीदकर अवैध रूप से हॉस्पिटल में मिलाने के साथ आसपास के घरों के आगे इस हॉस्पिटल की अवैध पार्किंग ने सेक्टर निवासियों के चैन से रहने पर भी जैसे प्रतिबंध लगा दिया है। सेक्टर 150 में प्रस्तावित स्पोर्ट्स सिटी के एक भूखंड में भरे पानी में डूबकर हुई इंजीनियर युवराज की मौत ने इस समूचे शहर की व्यवस्थाओं को लेकर एक पूरा प्रश्नपत्र ही खड़ा कर दिया है।उस भूखंड पर टूटा नाला, बेरीकेडिंग हटाये जाने में जो प्रशासनिक विफलता है उसे लापरवाही, अनदेखी या साजिश कुछ भी कहा जा सकता है। क्या सेक्टर 11 स्थित मेट्रो हॉस्पिटल के बारे में भी यही कहा जा सकता है? यह हॉस्पिटल अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सेक्टर 11 के एल -93 भूखंड पर बना यह हॉस्पिटल अब एल-94 और एल-95 तक फैल चुका है।एल-94 और एल-95 दोनों आवासीय भूखण्ड हैं। बताया गया है कि दोनों भूखंडों को हॉस्पिटल द्वारा खरीद कर हॉस्पिटल में मिला लिया गया है। इसके लिए कोई अनुमति प्राप्त नहीं की गई है। दोनों भूखंडों पर आवासीय के अलावा कोई गतिविधि अनुमन्य नहीं है। परंतु वहां अस्पताल चल रहा है। इस अस्पताल का मात्र 18-20 कमरों का नक्शा स्वीकृत है परंतु वहां सैकड़ों कमरे बनाए जा चुके हैं। इस अस्पताल में भर्ती रोगियों के मल-मूत्र को ढोने की क्षमता सेक्टर की सीवर लाइन में नहीं है। आए-दिन सीवरेज सिस्टम जाम हो जाता है। इससे निवासियों को भारी परेशानी होती है। आसपास के निवासी अस्पताल में आने वाले रोगियों और उनके तीमारदारों के वाहनों की अवैध पार्किंग से भी भारी परेशानी में हैं। अस्पताल बढ़ता जा रहा है और पार्किंग का कोई इंतजाम नहीं है। लोगों के घरों के दरवाजे पर लोग वाहन लगाकर चले जाते हैं दिनभर एंबुलेंस और दूसरे अस्पताल वाहनों का सेक्टर की सामान्य गली में आवागमन होता है।इतनी सारी अनियमितताओं पर प्राधिकरण कोई कार्रवाई क्यों नहीं करता? प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं प्रकाशित करने के भरोसे पर बताया कि पूछताछ करने पर अस्पताल मालिक ऊंचे राजनीतिक रसूखों का हवाला देने के साथ कुछ राजनीतिक हस्तियों के साथ खिंचवाए गये अपने फोटो दिखाने लगते हैं

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