राजेश बैरागी।आगामी नववर्ष 2026 में यमुना प्राधिकरण के फेज -1 में लगभग दो सौ औद्योगिक इकाइयां क्रियाशील होकर उत्पादन शुरू कर सकती हैं। इसके साथ ही हाथरस के 208 गांवों तथा आगरा में भी अर्बन सेंटरों की रूपरेखा धरातल पर उतारी जा सकती है।
यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश तथा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ऊंचाई पर ले जाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर यमुना क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों को शीघ्रताशीघ्र स्थापित कराने का प्रयास किया जा रहा है। अभी तक प्राधिकरण द्वारा आठ औद्योगिक पार्कों में कुल 3209 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। भूमि विवाद और विकास कार्यों के चलते कहीं कहीं भूखंडों का कब्जा देने में समस्याएं आ रही थीं जिन्हें एक अभियान चलाकर दूर किया जा रहा है। आगामी वर्ष में 180 औद्योगिक इकाइयों को क्रियाशील कराने का लक्ष्य तय किया गया है। अभी तक केवल 32 औद्योगिक इकाइयां ही क्रियाशील हैं। औद्योगिक इकाइयों तक उद्यमियों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए मुख्य और संपर्क मार्गों का निर्माण कराया जा रहा है। परी चौक से निकलने वाली 60 मीटर रोड को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। आगामी वर्ष में हाथरस अर्बन सेंटर और आगारा अर्बन सेंटर को विकसित करने का काम भी तेजी से किया जाएगा। इसके साथ ही टप्पल बाजना लोजिस्टिक्स हब तथा मथुरा वृन्दावन हेरीटेज सिटी परियोजनाओं को भी धरातल पर उतारने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि नवंबर माह तक इस वर्ष में 1500 हेक्टेयर से अधिक भूमि प्राधिकरण द्वारा क्रय की गई है जो एक रिकॉर्ड है। आगामी वर्ष में भूमि क्रय करने और औद्योगिक क्षेत्र को बसाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दरअसल यमुना क्षेत्र में शीघ्र ही नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन होना तय है।माना जा रहा है कि हवाई अड्डे के संचालन से क्षेत्र में सभी प्रकार की गतिविधियों में तेजी आएगी।(
नववर्ष 2026:180 औद्योगिक इकाइयों को क्रियाशील कराएगा यमुना प्राधिकरण, हाथरस और आगरा अर्बन सेंटर को भी धरातल पर उतारने की तैयारी









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