फ्लैट खरीदारों के साथ धोखाधड़ी: जीडीए करेगा कड़ी कार्रवाई

राजेश बैरागी।क्या विकास प्राधिकरणों को ऐसे फ्लैट आवंटियों की शिकायतों का भी सामना करना पड़ रहा है जिन्हें पूरी धनराशि लेने के बावजूद बिल्डर फ्लैट का कब्जा देने में आनाकानी कर रहे हैं? यह समस्या एलआईजी और ईडब्ल्यूएस फ्लैट खरीदारों के साथ अधिक है।गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने ऐसे फ्लैट आवंटियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है। प्राधिकरण ऐसे बिल्डरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की योजना बना रहा है।
प्राधिकरणों द्वारा आवंटित भूखंडों पर फ्लैट बनाकर बेचने वाले बिल्डरों का एक कारनामा यह भी होता है कि सम्पूर्ण धनराशि लेने के बावजूद खरीदार को फ्लैट का कब्जा ही न दें या उसके फ्लैट को दुगुने तीन गुने में बेचकर मूल आवंटी को वर्षों बाद ज्यों की त्यों उसकी जमा धनराशि वापस लेने को विवश करें। व्यापक स्तर पर चल रहे इस गोरखधंधे की वास्तविकता यह है कि मूल फ्लैट बायर्स के पैसे से बिल्डिंग खड़ी करने के बाद बिल्डर उन्हीं आवंटित फ्लैटों को अवैध रूप से दूसरे खरीदारों को बेचने लगते हैं।आठ दस वर्ष पहले फ्लैट की कीमत यदि बीस लाख रुपए थी परंतु अब वही फ्लैट साठ लाख रुपए का हो चुका है। इस दुगने तीन गुने मुनाफे पर असल हक मूल आवंटी का है न कि बिल्डर का। परंतु बिल्डरों द्वारा मूल आवंटी को वर्षों तक कब्जा न देकर उसे मूल धनराशि वापस लेकर फ्लैट का अधिकार छोड़ने को विवश किया जाता है। ऐसे में कुछ आवंटी प्राधिकरण पहुंच कर फ्लैट का कब्जा न मिलने की शिकायत करते हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल को प्रतिदिन की जाने वाली जनसुनवाई में ऐसे पीड़ितों की संख्या बढ़ने पर न केवल हैरानी हुई बल्कि उन्होंने इस समस्या की वास्तविकता जानना उचित समझा। उन्होंने कल 11 दिसंबर को सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में अधिकारियों की छः सदस्यीय समिति बनाकर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। सचिव राजेश कुमार सिंह ने आज देर शाम समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर पीड़ितों की अब तक प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित बिल्डरों की जांच करने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की रूपरेखा तैयार की। उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने कहा है कि प्राधिकरण ऐसे सभी फ्लैट खरीदारों का स्वाभाविक संरक्षक है और उनके हितों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है।

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