दस हजार घर तो यूपीसीडा के भी हैं ग्रेटर नोएडा शहर में

राजेश बैरागी।जनपद गौतमबुद्धनगर में कार्यरत नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के बीच अनजान और लुका छिपा दबा दबा सा रहने वाला उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की ग्रेटर नोएडा शहर में आवासीय और ग्रुप हाउसिंग योजनाओं में दस हजार परिवार निवास करते हैं। इनमें से एक पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्ट हाउसिंग सोसायटी आतो ग्रेटर नोएडा शहर की सबसे बड़ी आवासीय परियोजना के तौर पर भी जानी जाती है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की स्थापना के पहले से गाजियाबाद और बुलंदशहर जनपदों के सीमावर्ती क्षेत्रों सूरजपुर तथा कासना में बड़ी औद्योगिक इकाइयां स्थापित कराने वाला उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 9 बड़ी आवासीय और ग्रुप हाउसिंग योजनाओं का स्वामी भी है। 547,139.3 वर्गमीटर भूमि पर विकसित इन योजनाओं में लगभग दस हजार फ्लैट और भूखंड हैं। इनमें से साइट सी स्थित पैरामाउंट आवासीय सोसायटी में तीन हजार फ्लैट और विला हैं। यह ग्रेटर नोएडा शहर की सबसे बड़ी आवासीय सोसायटी है। इसमें 256 फ्लैट में 200 परिवार,1988 विलाओं में 1600 परिवार,1342 स्टूडियो अपार्टमेंट में 540 परिवार रह रहे हैं तथा 42 कॉमर्शियल दुकानों में तीस दुकानों में कारोबार भी चल रहा है।इसके अतिरिक्त साइट सी में ही डिजाइन आर्क,कॉसमोस,मिग्सन आदि 8 ग्रुप हाउसिंग सोसायटी बनी हुई हैं जबकि नियमानुसार निर्माण न किए जाने पर अंसल हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड को आवंटित 21290 वर्गमीटर का ग्रुप हाउसिंग भूखंड संख्या आर 51 को यूपीसीडा द्वारा गत 11 जून 2025 को निरस्त भी किया गया है। इनमें से प्रत्येक में पांच सौ से लेकर सात सौ तक फ्लैट बनाए गए हैं। इनमें से अधिकांश सोसायटी बस गयी हैं। इनमें लगभग दस हजार परिवार निवास करते हैं। इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यूपीसीडा की पहचान एक अनजान प्राधिकरण जैसी है और नोएडा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जैसी तो बिल्कुल नहीं है।(

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